सीएम योगी के विदेश दौरे पर अखिलेश का तंज: क्योटो जाने की सलाह, बताया ‘मनसुख पर्यटन’

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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अखिलेश यादव ने सीएम योगी के जापान-सिंगापुर दौरे पर क्योटो जाने की सलाह दी।

सीएम योगी के जापान-सिंगापुर दौरे पर अखिलेश यादव का तंज, क्योटो जाने की दी सलाह

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित जापान और सिंगापुर दौरे को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस विदेश यात्रा पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री को जापान के क्योटो शहर भी जाने की सलाह दी है। उन्होंने काशी के विकास और विरासत संरक्षण की तुलना क्योटो से करने की बात कही है।

ट्वीट के जरिए साधा निशाना

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि जब मुख्यमंत्री जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाएं, ताकि यह समझ सकें कि उनका संसदीय क्षेत्र काशी क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या वहां की विरासत किस तरह प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी कहा कि जापान से विरासत संरक्षण और शहरी विकास का सकारात्मक सबक लेकर लौटना चाहिए।

सपा प्रमुख ने आगे लिखा कि अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में इस तरह का अध्ययन कितना सार्थक होगा, इस पर भी सवाल है। उन्होंने मुख्यमंत्री की यात्रा को ‘मनसुख पर्यटन’ बताते हुए व्यंग्य किया और कहा कि यदि इसे स्वीकार कर लिया जाए तो कम से कम एक सच बोलने के लिए उन्हें याद रखा जाएगा।

दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से 26 फरवरी तक सिंगापुर और जापान के दौरे पर रहेंगे। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 23 और 24 फरवरी को वे सिंगापुर में विभिन्न बैठकों में हिस्सा लेंगे। यहां उनकी प्रवासी भारतीय समुदाय और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात प्रस्तावित है।

इसके बाद 25 और 26 फरवरी को वे जापान में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जापान प्रवास के दौरान टोक्यो से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित एक स्थल पर श्रीराम और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन का भी कार्यक्रम निर्धारित है।

राजनीतिक बहस तेज

अखिलेश यादव के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष जहां इस दौरे को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार की ओर से इसे निवेश, औद्योगिक सहयोग और सांस्कृतिक संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

आगामी दिनों में मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा और उससे जुड़े संभावित निवेश या समझौतों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है। फिलहाल दोनों दलों के बीच बयानबाजी का दौर जारी है।