आजमगढ़ में फर्जी ट्रेडिंग ऐप NEXT TRADE से एक करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा

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Dilip Kumar
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NEXT TRADE फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरफ्तार

आजमगढ़ जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। NEXT TRADE नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए की जा रही संगठित ऑनलाइन ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने उज्जैन और इंदौर से जुड़े दो अंतर्राज्यीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। अब तक की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देशभर में करीब 01 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है और इस मामले में विभिन्न राज्यों से लगभग बारह शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ की टीम ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। थाना साइबर क्राइम में दर्ज मु0अ0सं0 29/2025 के तहत धारा 318(4), 319(2) भारतीय न्याय संहिता और 66D आईटी एक्ट में यह कार्रवाई की गई है। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 111(1) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब आजमगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बदरका निवासी अशोक कुमार अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि फेसबुक पर दिखे NEXT TRADE के विज्ञापन के जरिए संपर्क करने पर उन्हें अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। आरोपियों ने एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप का लिंक भेजकर निवेश करने को कहा। विश्वास में आकर शिकायतकर्ता ने अलग अलग किस्तों में कुल आठ लाख निन्यानवे हजार रुपये जमा कर दिए। शुरुआत में ऐप पर मुनाफा दिखाया गया लेकिन जब धनराशि निकालने का प्रयास किया गया तो आईडी ब्लॉक कर दी गई और पैसा वापस नहीं मिला।

तकनीकी जांच, बैंक खातों के विश्लेषण और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने इन्द्रजीत डे और अंकेश धाकड़ को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों के जरिए रकम को इधर उधर करता था। इस नेटवर्क में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है जो पहले से हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक उपलब्ध कराते थे। जैसे ही खातों में पैसा आता था, उसे तुरंत निकाल लिया जाता था। इस पूरे लेनदेन का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाता था।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन सिम कार्ड सहित, तीन एटीएम कार्ड, दो चेक बुक, एक बैंक आईडी, एक जियो सिम कार्ड और 870 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। इनमें कोटक और यस बैंक से जुड़े कर्मियों के नाम भी सामने आए हैं।

पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के ऐसे मामलों में आम लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। निवेश या ट्रेडिंग के नाम पर मिलने वाले अनजान ऐप और लिंक से दूरी बनाए रखना जरूरी है। साइबर थाना ने अपील की है कि केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

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Dilip Kumar is the Associate Editor at News Report, a registered Hindi newspaper committed to ethical, factual, and responsible journalism. He plays a key role in editing, verifying, and shaping news content to maintain high editorial standards and accuracy. With solid experience in newsroom operations and content evaluation, Dilip Kumar works closely with reporters and editors to ensure balanced reporting, clarity of information, and adherence to journalistic ethics. His focus areas include governance, social issues, public welfare, and regional affairs.