आजमगढ़ में पवन सिंह के नाम पर 14 लाख की ठगी: भोजपुरी कलाकार की बुकिंग बताकर हुआ फर्जीवाड़ा

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Sandeep Srivastava
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आजमगढ़ में भोजपुरी कलाकार पवन सिंह के नाम पर 14 लाख की ठगी का मामला दर्ज हुआ।

आजमगढ़ में भोजपुरी कलाकार के नाम पर ठगी का मामला दर्ज

आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र से सामने आया यह मामला स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कलाकारों के नाम का दुरुपयोग कर ठगी करने की बढ़ती प्रवृत्ति का यह एक ताजा उदाहरण है। भोजपुरी सिनेमा और संगीत जगत के चर्चित गायक अभिनेता 0 के नाम पर कार्यक्रम कराने का झांसा देकर 14 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित दिव्यांश सिंह की शिकायत पर अतरौलिया थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित का बयान और ठगी का तरीका

पीड़ित के अनुसार कुछ लोगों ने खुद को पवन सिंह की बुकिंग और मैनेजमेंट टीम से जुड़ा बताते हुए संपर्क किया। आरोपियों ने प्रस्तावित शो के लिए अग्रिम राशि और अन्य व्यवस्थाओं के नाम पर किस्तों में कुल 14 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। बातचीत के दौरान कार्यक्रम की तारीख स्थान कलाकार की टीम तकनीकी जरूरतों और भुगतान की शर्तों पर विस्तार से चर्चा की गई जिससे पीड़ित को सौदा वास्तविक लगा। जैसे जैसे शो की तारीख नजदीक आई वैसे वैसे संपर्क में रहने वाले नंबरों से जवाब मिलना कम होता गया और अंत में सभी फोन बंद हो गए।

आधिकारिक पुष्टि में खुला फर्जीवाड़ा

जब पीड़ित ने कलाकार की आधिकारिक टीम से सीधे संपर्क कर बुकिंग की पुष्टि करनी चाही तो सच्चाई सामने आई। टीम ने किसी भी प्रकार की बुकिंग या अनुबंध से इनकार किया और बताया कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं। इसके बाद पीड़ित ने अतरौलिया थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोपियों के नाम फोन नंबर भुगतान का माध्यम और बातचीत से जुड़ी जानकारियां पुलिस को सौंपी गईं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच की दिशा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। लेनदेन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने फर्जी पहचान और अस्थायी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया ताकि पहचान छिपाई जा सके। पुलिस का मानना है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है जो चर्चित कलाकारों के नाम पर आयोजकों को निशाना बनाता है।

पृष्ठभूमि और आयोजकों के लिए चेतावनी

बीते कुछ वर्षों में कलाकारों के नाम पर फर्जी बुकिंग के मामले अलग अलग राज्यों से सामने आए हैं। ऑनलाइन भुगतान और दूरसंचार सुविधाओं के बढ़ते उपयोग के साथ ऐसे अपराधों में भी तेजी देखी गई है। पुलिस ने आयोजकों से अपील की है कि किसी भी कलाकार को बुक करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित माध्यम से ही पुष्टि करें। बिना लिखित अनुबंध और आधिकारिक रसीद के किसी भी खाते में राशि ट्रांसफर न करें। मामले की जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचकर ठगी की रकम की बरामदगी की दिशा में ठोस कार्रवाई की जाएगी।

सावधानी और सत्यापन की जरूरत

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आयोजकों को किसी भी बड़े नाम के भरोसे त्वरित भुगतान करने से पहले पूरी जांच करनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम कराने वाले लोगों को पुलिस और प्रशासन से आवश्यक मार्गदर्शन लेने की भी सलाह दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।