सनातन परंपरा में वसंत पंचमी को ज्ञान की देवी सरस्वती का प्राकट्य दिवस माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा के मुख से मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। विद्यार्थियों के लिए यह दिन केवल पर्व नहीं बल्कि अपनी बौद्धिक क्षमता एकाग्रता और स्मरण शक्ति को जागृत करने का संकल्प दिवस है। पढ़ाई कला संगीत या किसी भी रचनात्मक क्षेत्र में सफलता के लिए इस दिन किए गए छोटे छोटे संकल्प और विधि विधान को विशेष फलदायी माना गया है।
वसंत पंचमी के दिन विद्यार्थियों को अपने पहनावे और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रातः स्नान कर स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है क्योंकि पीला रंग ऊर्जा आशा और सकारात्मकता का प्रतीक है। पूजा के लिए शांत और साफ स्थान चुनें। एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। उनके समक्ष अपनी प्रिय पुस्तकें कॉपियां पेन या यदि आप संगीत से जुड़े हैं तो वाद्य यंत्र अवश्य रखें। यह प्रतीक होता है कि आप अपने ज्ञान और कौशल को ईश्वर के चरणों में समर्पित कर रहे हैं।
पूजन में पीले पुष्प विशेषकर गेंदा पीला चंदन और केसरिया या पीली मिठाई का भोग अर्पित करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे मन की अशांति दूर होती है और अध्ययन में स्थिरता आती है। इसके बाद घी का दीपक जलाकर श्रद्धा पूर्वक आरती करें। माना जाता है कि दीप प्रज्वलन से एकाग्रता बढ़ती है और मन भटकाव से मुक्त होता है।
अध्ययन में सफलता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए मंत्र जप को भी अत्यंत प्रभावी माना गया है। मंत्र विज्ञान के अनुसार मां सरस्वती का बीज मंत्र ऐं मस्तिष्क की सक्रियता को बढ़ाता है। विद्यार्थी वसंत पंचमी के दिन ओम ऐं सरस्वत्यै नमः मंत्र का 108 बार जप कर सकते हैं। इसके साथ सरस्वती वंदना का पाठ करने से याददाश्त और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
वसंत पंचमी का दिन विद्यारंभ संस्कार के लिए भी विशेष रूप से शुभ माना जाता है। जिन बच्चों की शिक्षा की शुरुआत होने वाली है उनके लिए इस दिन अक्षर अभ्यास कराया जाता है। बच्चे के हाथ से पहली बार स्लेट या कागज पर अक्षर लिखवाना उसकी शैक्षिक यात्रा की मजबूत नींव माना जाता है। यह परंपरा ज्ञान के प्रति सम्मान और सीखने की सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक है।
कुल मिलाकर वसंत पंचमी विद्यार्थियों के लिए आत्मचिंतन संकल्प और नई शुरुआत का अवसर है। सही भाव सही विधि और सकारात्मक सोच के साथ यह दिन मनाया जाए तो शिक्षा और जीवन दोनों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
