उत्तर प्रदेश सरकार की संगठित अपराध के विरुद्ध सख्त नीति के तहत भदोही जनपद में पुलिस और प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। संगठित और पेशेवर अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति को जब्त किया जा रहा है। इसी क्रम में भदोही पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत एक आरोपी द्वारा अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई मोटरसाइकिल को जब्त कर राज्य सरकार के पक्ष में कार्रवाई की है। यह कदम न केवल अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है बल्कि आम नागरिकों में कानून व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिमन्यु मांगलिक के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह विशेष अभियान लगातार प्रभावी रूप से चलाया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति को चिन्हित कर जब्त करना आवश्यक है। इसी नीति के तहत गैंगस्टर अपराधियों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि अपराध के जरिए अर्जित लाभ को समाप्त किया जा सके।
इस कार्रवाई के अंतर्गत थाना सुरियावां क्षेत्र से संबंधित मु0अ0सं0 201/2025 धारा 3 उपधारा 1 उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट में नामजद अभियुक्त आशीष कुमार दुबे पुत्र दिनेश कुमार दुबे निवासी बलापुर रोही थाना गोपीगंज जनपद भदोही की संपत्ति को जब्त किया गया। जिलाधिकारी भदोही द्वारा गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14 उपधारा 1 के तहत आदेश पारित किया गया था। आदेश के अनुपालन में दिनांक 06 फरवरी 2026 को थाना भदोही के प्रभारी निरीक्षक और विवेचक द्वारा पुलिस टीम के साथ नियमानुसार जब्तीकरण की कार्रवाई की गई।
जब्त की गई संपत्ति में वाहन संख्या UP66 AE0342 पल्सर मोटरसाइकिल शामिल है जिसकी अनुमानित कीमत करीब साठ हजार रुपये बताई गई है। जांच में यह सामने आया कि उक्त मोटरसाइकिल अभियुक्त द्वारा अपने नाम से अपराध जगत में सक्रिय रहते हुए अवैध कृत्यों से अर्जित धन से खरीदी गई थी। इसी आधार पर इसे राज्य सरकार के पक्ष में जब्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से संगठित अपराधियों के मनोबल पर सीधा असर पड़ता है और अपराध के आर्थिक स्रोत कमजोर होते हैं।
अभियुक्त आशीष कुमार दुबे का आपराधिक इतिहास भी सामने रखा गया है। उसके विरुद्ध थाना गोपीगंज में वर्ष 2022 में धारा 323 504 506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा थाना कोईरौना में वर्ष 2024 में बीएनएस की धारा 316 उपधारा 5 और 318 उपधारा 4 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। वर्ष 2025 में थाना सुरियावां में भी इसी प्रकार के अपराधों से संबंधित मुकदमे पंजीकृत हैं। अंततः संगठित अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
भदोही पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और संगठित अपराध से जुड़े किसी भी व्यक्ति की अवैध संपत्ति को चिन्हित कर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है बल्कि अपराध के माध्यम से अर्जित हर अवैध लाभ को समाप्त करना है ताकि समाज में शांति और कानून का राज कायम रह सके।
