सारनाथ में भाजपा का प्रशिक्षण महाअभियान 2026: तीन राज्यों के पदाधिकारी जुटे, राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी

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Dilip Kumar
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वाराणसी के सारनाथ में भाजपा की उत्तर पूर्व जोन प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।

सारनाथ में भाजपा का पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026, उत्तर पूर्व जोन की कार्यशाला में तीन राज्यों के पदाधिकारी जुटे

वाराणसी के सारनाथ स्थित केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान में गुरुवार से भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अंतर्गत उत्तर पूर्व जोन की कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार से पांच सौ से अधिक भाजपा पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। आयोजन को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके माध्यम से कार्यकर्ताओं को विचारधारा, संगठन विस्तार और व्यावहारिक विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की मौजूदगी

कार्यशाला में भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और प्रशिक्षण अभियान के राष्ट्रीय सहसंयोजक ओमप्रकाश धनकड़ बुधवार को ही काशी पहुंच गए थे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह सहित उत्तराखंड और बिहार के प्रदेश महामंत्री संगठन भी शामिल हो रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति को कार्यशाला की गंभीरता और संगठनात्मक महत्व से जोड़ा जा रहा है।

विचारधारा और संगठन पर विशेष जोर

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य के अनुरूप तैयार करना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांतों को प्रशिक्षण के केंद्र में रखा गया है। नेताओं द्वारा विभिन्न सत्रों में संगठन की नीतियों, सेवा कार्यों और जनसंपर्क अभियानों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।

प्रशिक्षण सत्रों में बूथ स्तर की संरचना को मजबूत करने, डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग, जनसमस्याओं के समाधान और सामाजिक समरसता के विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं को बताया जा रहा है कि संगठन की मजबूती जमीनी स्तर की सक्रियता और समन्वय पर निर्भर करती है।

अनुभव साझा करने का मंच

कार्यशाला में विचार विमर्श, समूह चर्चा और अनुभव साझा करने के सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न जिलों और राज्यों से आए पदाधिकारी अपने क्षेत्र के अनुभव साझा कर रहे हैं। इससे कार्यकर्ताओं को एक दूसरे की कार्यशैली समझने और बेहतर रणनीति बनाने में मदद मिल रही है।

संगठन का मानना है कि इस प्रकार की कार्यशालाएं न केवल वैचारिक स्पष्टता प्रदान करती हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं के आत्मविश्वास को भी बढ़ाती हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें संगठन की प्राथमिकताओं और आगामी कार्यक्रमों के बारे में स्पष्ट दिशा मिलती है।

तीन राज्यों का समन्वय

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के पदाधिकारियों की संयुक्त भागीदारी को क्षेत्रीय समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेताओं ने जोर दिया कि सीमावर्ती और सांस्कृतिक रूप से जुड़े क्षेत्रों में संगठनात्मक तालमेल से पार्टी की कार्यक्षमता बढ़ती है। साझा रणनीति और समन्वित प्रयासों से चुनावी और सामाजिक अभियानों को गति मिलती है।

संगठनात्मक सुदृढ़ता पर बल

पदाधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण महाअभियान का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से सशक्त और संगठनात्मक रूप से दक्ष बनाना है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही जमीनी स्तर पर प्रभावी संवाद स्थापित कर सकते हैं। कार्यशाला के दौरान सेवा कार्यों, सामाजिक सरोकार और जनहित योजनाओं के प्रचार प्रसार की रणनीति पर भी चर्चा की जा रही है।

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