वाराणसी: बजट 2026-27 पर विधायक सौरभ श्रीवास्तव की सधी हुई प्रतिक्रिया, बजट को बताया सर्व-हितकारी

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विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने बजट में काशी की विरासत और पर्यटन विकास पर जताई संतुष्टि

वाराणसी: बदलते वैश्विक हालात और आर्थिक अस्थिरता के दौर में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर वाराणसी कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने इसे संतुलन, दूरदृष्टि और विकास का सशक्त दस्तावेज बताया है। बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल वर्तमान चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करता है, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए भारत की प्रगतिशील यात्रा को भी स्पष्ट दिशा देता है। उनके अनुसार, यह ऐसा बजट है जो आर्थिक मजबूती के साथ-साथ सामाजिक समावेशन की भावना को केंद्र में रखता है।

विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि नई टेक्नोलॉजी और बदलते वैश्विक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए इस बजट में भारत के युवा-युवतियों और महिलाओं को भविष्य के लिए तैयार करने को प्राथमिकता दी गई है। कौशल विकास, तकनीकी दक्षता और रोजगारोन्मुखी योजनाओं के माध्यम से देश की कार्यशील आबादी को आत्मनिर्भर बनाने का स्पष्ट रोडमैप इसमें दिखाई देता है। उन्होंने बजट के मूल कर्तव्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि आर्थिक विकास को गति देना, निवेश और उद्योग को प्रोत्साहन देना, रोजगार सृजन को मजबूत करना और आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना इस बजट की प्रमुख विशेषताएं हैं।

उन्होंने आगे कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” की भावना इस बजट के हर प्रावधान में झलकती है। विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे, इसके लिए सामान्य नागरिकों को अधिक सुविधाएं, बेहतर अवसर और सशक्त आधार देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि जन-आकांक्षाओं और राष्ट्रीय संकल्पों का प्रतिबिंब है।

वाराणसी के संदर्भ में बात करते हुए विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने विशेष संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस बजट में काशी की सांस्कृतिक और पर्यटन महत्ता को राष्ट्रीय पटल पर प्रभावी ढंग से उभारा गया है। इसके अंतर्गत सारनाथ को देश के उन 15 महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में शामिल किया गया है, जिन्हें अनुभवात्मक सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल न केवल विरासत संरक्षण को नई ऊर्जा देगी, बल्कि पर्यटन के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगी।

उन्होंने बताया कि इन स्थलों पर सुव्यवस्थित भ्रमण पथों (वॉकवे) के माध्यम से आम जनता के लिए बेहतर और सुगम पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही संरक्षण प्रयोगशालाएं, आधुनिक व्याख्या केंद्र और पर्यटन मार्गदर्शकों के लिए नवीन कथा-वाचन एवं स्टोरी टेलिंग तकनीकों को अपनाया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत अनुभव प्राप्त हो सके।

अपने वक्तव्य के अंत में विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने जनता-जनार्दन के हितों को सर्वोपरि रखने वाला यह बजट प्रस्तुत करने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और माननीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट न केवल भारत को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाएगा, बल्कि वाराणसी जैसी सांस्कृतिक धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।