राज्य में आपातकालीन सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। डायल 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स में तैनात चालकों की सेवा अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही चालकों के मानदेय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। अब उन्हें प्रतिमाह 25 हजार रुपये की जगह 30 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि चालकों को इसके अलावा 4 हजार रुपये का वार्षिक वर्दी भत्ता भी प्रदान किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस एक वर्ष के सेवा विस्तार और बढ़े हुए मानदेय पर सरकार को कुल लगभग 161 करोड़ 11 लाख 84 हजार रुपये का अतिरिक्त व्यय करना होगा। सरकार का मानना है कि यह खर्च राज्य की कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह जरूरी है। डायल 112 जैसी आपातकालीन सेवा का सीधा संबंध आम लोगों की जान और सुरक्षा से जुड़ा है, ऐसे में इसमें किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए।
सम्राट चौधरी ने बताया कि डायल 112 के संचालन के लिए राज्य में कुल 4426 चालक पद स्वीकृत हैं। इनमें 3418 चालक सिपाही और 1009 चालक हवलदार के पद शामिल हैं। इन पदों पर स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया फिलहाल चल रही है। भर्ती और प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी होने में अभी पर्याप्त समय लगने की संभावना है। इसी कारण मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह अस्थायी लेकिन जरूरी फैसला लिया गया है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में डायल 112 सेवा के लिए आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन दानापुर के माध्यम से सेना के सेवानिवृत्त चालकों की सेवाएं ली जा रही हैं। ये चालक पहले से ही अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। गृह विभाग के पूर्व निर्णय के तहत इन सेवानिवृत्त चालकों की सेवा अवधि मार्च 2026 तक बढ़ाई गई थी, जो अब समाप्त होने वाली थी। इसी को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2026 27 के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार स्वीकृत किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार राज्य में पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार का स्पष्ट फोकस यह है कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया समय पर और तेज हो। डायल 112 सेवा इसी दिशा में एक अहम कड़ी है, जिसे और अधिक सक्षम बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स के चालकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि घटनास्थल तक समय पर पहुंचना कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है। मानदेय में बढ़ोतरी और सेवा विस्तार से चालकों का मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। सरकार का यह कदम न केवल कर्मचारियों के हित में है बल्कि आम जनता की सुरक्षा को भी और मजबूत करेगा।
सरकार का दावा है कि आने वाले समय में डायल 112 सेवा को और आधुनिक बनाया जाएगा और तकनीकी संसाधनों के साथ साथ मानव संसाधन को भी मजबूत किया जाएगा। सेवा अवधि के इस विस्तार को एक अंतरिम व्यवस्था बताया गया है ताकि स्थायी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक आपातकालीन सेवाओं में कोई व्यवधान न आए और राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह सुचारू बनी रहे।
