100 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी का खुलासा, एसटीएफ ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य किए गिरफ्तार
स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा जारी प्रेस नोट संख्या 36 दिनांक 12.02.2026 के अनुसार 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। एसटीएफ की फील्ड इकाई नोएडा द्वारा की गई कार्रवाई में गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अभियुक्त विभिन्न राज्यों और उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में फर्जी फर्मों का पंजीकरण कर वास्तविक व्यापारियों को फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराते थे, जिससे सरकार को भारी राजस्व क्षति हुई।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
1. संदीप कुमार पुत्र स्वर्गीय मुकेश कुमार, निवासी ए-203-204 गली नं. 3 हरित विहार बुराड़ी उत्तर दिल्ली, उम्र 33 वर्ष।
2. अमन उपाध्याय पुत्र छांगुर प्रसाद उपाध्याय, निवासी संत नगर बुराड़ी उत्तर दिल्ली, उम्र 21 वर्ष।
बरामदगी का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 02 लैपटॉप, 03 मोबाइल फोन, 01 आधार कार्ड, 01 पैन कार्ड, 10 सिम कार्ड, 02 मोहर तथा 4,650 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार इन उपकरणों का उपयोग फर्जी फर्मों के संचालन, ई-वे बिल तैयार करने और बैंक लेनदेन के लिए किया जा रहा था।
गिरोह की कार्यप्रणाली
जांच में सामने आया कि अभियुक्त फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्मों का जीएसटी पंजीकरण कराते थे। इन फर्मों के माध्यम से बिना किसी वास्तविक माल या सेवा आपूर्ति के फर्जी सेल्स इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए जाते थे। इसके बाद जीएसटी पोर्टल पर फर्जी रिटर्न दाखिल कर वास्तविक व्यापारिक संस्थानों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिलाया जाता था।
अभियुक्त व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल माध्यमों से व्यापारियों से संपर्क करते थे और उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर बिल तैयार करते थे। बैंक खातों में धनराशि का लेनदेन दिखाकर इन फर्जी सौदों को वैध स्वरूप देने का प्रयास किया जाता था। कई मामलों में फर्जी सिम कार्ड के माध्यम से ओटीपी प्राप्त कर बैंकिंग प्रक्रिया को संचालित किया जाता था। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस संगठित नेटवर्क के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी की गई।
पंजीकृत अभियोग
इस संबंध में थाना खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर में मु0अ0सं0 577/2025 धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस, धारा 66C एवं 66D आईटी एक्ट तथा धारा 132 जीएसटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत है। गिरफ्तार अभियुक्तों को संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
आगे की जांच
एसटीएफ द्वारा गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान एवं गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और संबंधित फर्मों की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस का कहना है कि इस प्रकरण में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
