मीरजापुर जनपद में जिम जिहाद और अवैध धर्मांतरण से जुड़े मामलों में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना को0देहात पर पूर्व में पंजीकृत दो अलग-अलग अभियोगों से संबंधित 08वें अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इन मामलों में 07 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस की यह कार्रवाई धर्मांतरण से जुड़े संगठित नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर सोमेन बर्मा के निर्देश पर जनपद में जिम जिहाद और अवैध धर्मांतरण से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन नगर एवं क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में दिनांक 04.02.2026 को थाना को0देहात पुलिस टीम ने साक्ष्य संकलन और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस मामले से जुड़े 08वें अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मौलवी खलीलुर्रहमान पुत्र अजीजुर्रहमान, निवासी भूदेव की गली भटवा के पोखरी थाना को0कटरा जनपद मीरजापुर, उम्र करीब 39 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त पहले से गिरफ्तार अन्य आरोपियों के लगातार संपर्क में था और संगठित रूप से उनके साथ मिलकर हिंदू लड़कियों को वशीभूत कर अवैध धर्मांतरण कराने का कार्य करता था। जांच में सामने आया है कि यह गतिविधियां सुनियोजित और संगठित तरीके से संचालित की जा रही थीं।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वर्ष 2023 में थाना लोहता, जनपद वाराणसी क्षेत्र में एक हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन कराकर मुस्लिम युवक से निकाह कराया गया था, जिसके संबंध में वहां अभियोग पहले से पंजीकृत है। पुलिस का कहना है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि अभियुक्त पूर्व से ही इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त रहा है और उसका नेटवर्क जनपदों की सीमाओं तक फैला हुआ है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभियुक्त मौलवी खलीलुर्रहमान के विरुद्ध थाना को0देहात जनपद मीरजापुर में मु0अ0सं0-33/2026 एवं मु0अ0सं0-32/2026 पंजीकृत हैं। इन अभियोगों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 64(1), 64(2)(जे), 308(5), 352, 351(2), 61(2) के साथ-साथ आई.टी. एक्ट की धारा 67(बी) तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5(1) के अंतर्गत गंभीर आरोप दर्ज हैं। इन धाराओं में जबरन, प्रलोभन, षड्यंत्र और डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग जैसे अपराध शामिल हैं।
गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसे पुलिस ने साक्ष्य के रूप में कब्जे में लेकर तकनीकी जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल फोन से इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य अभियुक्तों, संपर्क सूत्रों और डिजिटल साक्ष्यों की जानकारी मिल सकती है। बरामद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक अमित मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक थाना को0देहात सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस द्वारा अभियुक्त के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया है।
मीरजापुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध धर्मांतरण और जिम जिहाद से जुड़े मामलों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाई संभव है।
