वाराणसी: प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जी जेई बनकर ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

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वाराणसी पुलिस द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ठगी के आरोपी को हिरासत में लेते हुए

वाराणसी: लंका थाना क्षेत्र के भगवानपुर इलाके में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को निशाना बनाकर की गई ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। योजना का लाभ दिलाने और अगली किश्त जारी कराने का झांसा देकर खुद को अवर अभियंता (जेई) बताने वाले व्यक्ति ने अपने एक साथी के जरिए चार महिलाओं से कुल 19 हजार 500 रुपये वसूल लिए। मामले का खुलासा तब हुआ, जब बातचीत के दौरान स्थानीय लोगों को संदेह हुआ और उन्होंने मौके पर मौजूद आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। लंका पुलिस ने कथित जेई समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भगवानपुर निवासी विनोद कुमार की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, गुरुवार शाम उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने अपना परिचय प्रधानमंत्री आवास योजना के अवर अभियंता पीयूष पांडेय के रूप में दिया और कहा कि वह योजना के तहत मिलने वाली धनराशि की जांच के लिए भगवानपुर आ रहा है। कुछ समय बाद उसी व्यक्ति ने दोबारा फोन कर बताया कि वह खुद नहीं आ पाएगा और अपनी जगह एक अन्य कर्मचारी को भेज रहा है, जो सभी औपचारिकताएं पूरी कर देगा।

इसके बाद जमालपुर के सेहवा (मिर्जापुर) निवासी काजू गुप्ता मौके पर पहुंचा। उसने खुद को विभागीय कर्मचारी बताते हुए कहा कि उसे अवर अभियंता पीयूष पांडेय ने भेजा है। काजू गुप्ता ने आवास योजना का लाभ बनाए रखने और आगे की किश्त दिलाने के नाम पर महिलाओं से पैसे की मांग शुरू कर दी। महिलाओं के मना करने पर उसने सरकारी आवास निरस्त कराने की धमकी दी और 10 हजार रुपये देने का दबाव बनाया। आरोप है कि आरोपी ने फोन पर कथित जेई से भी बात कराई, जिसने भी पैसे देने के लिए कहा।

इसी दौरान आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। बातचीत सुनकर ग्रामीणों को संदेह हुआ और जब पूछताछ की गई तो सामने आया कि आरोपी इससे पहले भी इसी इलाके की शीला से 4500 रुपये, जबकि सुनीता देवी, संगीता और एक अन्य सुनीता से 5000-5000 रुपये वसूल चुका है। कुल मिलाकर चार महिलाओं से 19 हजार 500 रुपये की ठगी की बात सामने आई।

ग्रामीणों ने तत्काल काजू गुप्ता को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची लंका पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और मामले में कथित अवर अभियंता पीयूष पांडेय को भी नामजद किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी तरह निशुल्क है और इसके नाम पर किसी भी प्रकार की वसूली अवैध है। मामले की गहन जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस ठगी में कोई और व्यक्ति या गिरोह तो शामिल नहीं है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी कॉल या मांग पर तुरंत सतर्क रहें और पुलिस को सूचना दें।