भदरसा दुष्कर्म कांड: पॉक्सो कोर्ट का फैसला, मोईद अहमद बरी, राजू खान दोषी

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भदरसा दुष्कर्म कांड में पॉक्सो कोर्ट का फैसला, मोईद अहमद बरी, राजू खान दोषी

अयोध्या के बहुचर्चित भदरसा दुष्कर्म कांड में पॉक्सो कोर्ट ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने सपा नेता मोईद अहमद को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। वहीं मामले के दूसरे आरोपित राजू खान को न्यायालय ने दोषी करार दिया है। दोष सिद्ध होने के बाद राजू खान को दोबारा जेल भेज दिया गया है। उसकी सजा के बिंदुओं पर अदालत में 29 जनवरी को सुनवाई होगी।

पॉक्सो कोर्ट में फैसले के समय दोनों आरोपित न्यायिक हिरासत में थे, जिन्हें जेल से तलब किया गया था। विस्तृत सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने यह निर्णय दिया। कोर्ट ने मोईद अहमद के खिलाफ लगे आरोपों को प्रमाणित न पाए जाने पर उन्हें बरी कर दिया, जबकि राजू खान के खिलाफ आरोप साबित होने पर उसे दोषी ठहराया गया।

यह मामला 29 जुलाई 2024 को सामने आया था, जब भदरसा गांव की एक नाबालिग लड़की की मां ने थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि सपा नेता मोईद अहमद और राजू खान ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और उसे धमकाया। बाद में किशोरी के गर्भवती होने पर घटना का खुलासा हुआ, जिसके बाद मामला गंभीर रूप ले गया और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से कई गवाह पेश किए गए। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है। राजू खान को दोषी पाए जाने के बाद सजा को लेकर अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी, जिसमें अदालत यह तय करेगी कि उसे कितनी अवधि की सजा दी जाएगी।

फैसले के बाद भदरसा और अयोध्या क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रशासन ने किसी भी तरह की कानून व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। वहीं पीड़िता पक्ष और आरोपितों के पक्ष से जुड़े लोग अदालत के फैसले को लेकर अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।