मिर्जापुर स्टेशन पर ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते: RPF ने दो नाबालिग बालिकाओं को बचाया, चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा

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RPF कर्मियों ने मिर्जापुर स्टेशन पर दो नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित संरक्षण में लिया।

ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत मिर्जापुर स्टेशन से दो नाबालिग बालिकाएं सुरक्षित संरक्षण में ली गईं

अमित मिश्रा की रिपोर्ट  : रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अंतर्गत मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर दो नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित संरक्षण में लेकर चाइल्ड हेल्प डेस्क को सुपुर्द किया गया। यह अभियान रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मिलने वाले असुरक्षित, संकटग्रस्त या घर से बिछड़े बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर चलाया जा रहा है।

रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार यह पहल केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए जीवनरेखा है जो किसी कारणवश घर से दूर भटक जाते हैं। इस अभियान के माध्यम से बाल श्रम, बाल तस्करी और लापता बच्चों से जुड़े मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिली है।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में 442 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया

आरपीएफ टीम ने जानकारी दी कि चालू वित्तीय वर्ष में ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत अब तक 442 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया है। इसी क्रम में 19 फरवरी 2026 को मिर्जापुर स्टेशन पर दो किशोरियों को संदिग्ध और असहाय स्थिति में पाया गया।

गश्त के दौरान मिलीं डरी सहमी बालिकाएं

दिनांक 19 फरवरी को आरपीएफ मिर्जापुर के उप निरीक्षक ए के राय हमराह स्टाफ तथा चाइल्ड हेल्प डेस्क मिर्जापुर के सुपरवाइजर और केस वर्कर के साथ स्टेशन परिसर में गश्त कर रहे थे। प्लेटफार्म संख्या 1 के बुकिंग हॉल में दो नाबालिग लड़कियां डरी और सहमी अवस्था में खड़ी मिलीं।

संदेह होने पर टीम ने दोनों से पूछताछ की। प्रारंभिक बातचीत में बालिकाओं ने बताया कि वे बिना घर वालों को बताए अन्य शहर जाने के उद्देश्य से स्टेशन पहुंची थीं।

आरपीएफ पोस्ट लाकर की गई काउंसलिंग

दोनों बालिकाओं को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट मिर्जापुर लाया गया, जहां उन्हें भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया। इसके बाद उनकी काउंसलिंग की गई ताकि वे सहज महसूस कर सकें और सही जानकारी दे सकें।

सहानुभूतिपूर्वक बातचीत करने पर एक बालिका ने अपनी उम्र 17 वर्ष और दूसरी ने 16 वर्ष बताई। दोनों ने अपना निवास थाना शाहगंज, जिला सोनभद्र बताया। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उनके परिजनों को तत्काल सूचित किया गया।

चाइल्ड हेल्प डेस्क को विधिवत सुपुर्द

अग्रिम विधिक प्रक्रिया के तहत दोनों नाबालिग बालिकाओं को चाइल्ड हेल्प डेस्क मिर्जापुर के सुपरवाइजर एवं केस वर्कर को विधिवत सुपुर्द कर दिया गया। आगे की कार्रवाई बाल संरक्षण से संबंधित प्रावधानों के अनुसार की जा रही है।

यात्रियों से अपील

रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने बच्चों पर विशेष ध्यान रखें। यदि रेलवे परिसर या ट्रेन में कोई बच्चा असहाय, भटका हुआ या संदिग्ध परिस्थिति में दिखे तो तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दें।

जनसम्पर्क अधिकारी प्रयागराज मंडल, उत्तर मध्य रेलवे अमित कुमार सिंह ने बताया कि ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते आगे भी निरंतर जारी रहेगा और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।