वाराणसी: अवैध निर्माण पर वीडीए की कार्रवाई, निर्माणाधीन परियोजना सील

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Sandeep Srivastava
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सेहमलपुर में वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा सील की गई निर्माणाधीन परियोजना

वाराणसी में अवैध निर्माण पर कड़ा प्रहार, सेहमलपुर अठगांवा की परियोजना सील

वाराणसी शहर में अनियंत्रित और नियमों के विपरीत हो रहे निर्माण कार्यों पर वाराणसी विकास प्राधिकरण ने सख्ती तेज कर दी है। इसी क्रम में जोन 1 क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड शिवपुर स्थित सेहमलपुर अठगांवा में एक निर्माणाधीन परियोजना को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के निर्देश पर की गई। प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर को बंद कराया और निर्माण गतिविधियों पर तत्काल रोक लगा दी। कार्रवाई उ.प्र. नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27, 28(1) और 28(2) के तहत की गई है।

स्वीकृत मानचित्र से अलग मिला निर्माण

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिल्पी इंटरप्राइजेज चंद्र टावर बजरिया के अनुराग चंद्र द्वारा आराजी संख्या 13, 17, 18 और 19, मौजा सेहमलपुर, वार्ड शिवपुर में निर्माण कार्य कराया जा रहा था। स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक इस परियोजना में कुल छह ब्लॉकों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के 32 फ्लैट विकसित किए जाने थे। लेकिन निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि मानचित्र में बदलाव किए जाने के बावजूद संशोधित स्वीकृति प्राधिकरण से प्राप्त नहीं की गई, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

पुलिस बल की मौजूदगी में की गई सीलिंग

मामले को गंभीर मानते हुए प्रवर्तन टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद निर्माणाधीन परिसर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इस दौरान सहायक नगर नियोजक एवं जोनल अधिकारी सौरभ जोशी, अवर अभियंता जयप्रकाश गुप्ता, प्रवर्तन दल के सदस्य, सुपरवाइजर और स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहे। कार्रवाई के समय स्थल पर हलचल का माहौल रहा, हालांकि पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक नियमों के तहत शांतिपूर्वक संपन्न कराई गई।

नियोजित विकास के लिए सख्त रुख

प्राधिकरण की इस कार्रवाई को शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। हाल के दिनों में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत मानचित्र से इतर किसी भी प्रकार का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि तेजी से फैलते शहरी विस्तार के बीच नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। यदि कोई भी निर्माणकर्ता नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नागरिकों को सतर्क रहने की अपील

उपाध्यक्ष ने आम नागरिकों से अपील की है कि संपत्ति खरीदते समय पूरी सतर्कता बरतें। केवल उन्हीं परियोजनाओं या प्लॉट का चयन करें जिनका लेआउट और मानचित्र विधिवत स्वीकृत हो। बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य न कराएं और न ही ऐसे किसी प्रोजेक्ट में निवेश करें जहां नियमों की अनदेखी की जा रही हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि उल्लंघन की स्थिति में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

शहर में तेजी से बढ़ते निर्माण कार्यों के बीच यह कार्रवाई उन बिल्डरों और डेवलपर्स के लिए चेतावनी मानी जा रही है जो नियमों को दरकिनार कर परियोजनाएं खड़ी कर रहे हैं। प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि आगे भी ऐसे मामलों की जांच जारी रहेगी और जहां भी अनियमितता पाई जाएगी वहां सख्त कदम उठाए जाएंगे। वाराणसी में व्यवस्थित और सुरक्षित शहरी विकास की दिशा में यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।