जनपद सोनभद्र में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय सामने आया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लखनऊ द्वारा पंजीकृत मामले में माननीय न्यायालय सोनभद्र ने अवैध गांजा तस्करी के दोषी पाए गए दो अभियुक्तों को कठोर कारावास और भारी अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले को नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लखनऊ द्वारा पंजीकृत एनसीबी अपराध संख्या 18/2023, न्यायालय वाद संख्या 128/2024, में यह निर्णय पारित किया गया है। इस मामले की घटना तिथि 17 अगस्त 2023 है, जब एनसीबी लखनऊ ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 320 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया था। यह बरामदगी अंतरराज्यीय स्तर पर संचालित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
जांच के दौरान दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की गई थी। अभियुक्तों पर धारा 8सी, 20, 25 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना और अभियोजन के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी पाया।
दोषसिद्ध अभियुक्तों में पहला नाम अर्जुन राम, पुत्र स्वर्गीय भिखारी राम, निवासी बनिया छापर थाना कुचेयाकोट जिला गोपालगंज बिहार का है। दूसरा अभियुक्त शर्मानन्द पटेल उर्फ विक्की, पुत्र स्वर्गीय रामजनम पटेल, निवासी दोस्तिया थाना चैनपुर जिला मोतिहारी बिहार है। दोनों अभियुक्त अंतरराज्यीय स्तर पर गांजा तस्करी के इस मामले में संलिप्त पाए गए।
माननीय न्यायालय सोनभद्र द्वारा पारित निर्णय के अनुसार अभियुक्तों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8सी और 20 के अंतर्गत 10-10 वर्ष का कठोर कारावास तथा 1-1 लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में प्रत्येक अभियुक्त को 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अतिरिक्त धारा 25 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत भी दोनों अभियुक्तों को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास और 1-1 लाख रुपये का अर्थदंड दिया गया है, जिसे न चुकाने पर फिर से 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास निर्धारित किया गया है।
इस प्रकार न्यायालय ने दोनों धाराओं में अलग-अलग सजाएं सुनाकर यह स्पष्ट कर दिया है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के प्रति कानून किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा। पुलिस और एनसीबी अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला भविष्य में नशे के अवैध व्यापार में लिप्त लोगों के लिए कड़ा संदेश है।
सोनभद्र जनपद में यह निर्णय मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता और प्रभावी कार्यवाही का परिणाम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए ऐसे अभियानों और सख्त कानूनी कार्रवाई को आगे भी जारी रखा जाएगा, ताकि समाज को नशा मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।
