फ़रीदाबाद: अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में शनिवार की शाम उस वक्त अफरा तफरी मच गई, जब झूला ग्राउंड में लगा सुनामी झूला अचानक टूट गया। इस दर्दनाक हादसे में कुल 13 लोग घायल हो गए, जबकि राहत और बचाव कार्य के दौरान पलवल पुलिस लाइन में तैनात 56 वर्षीय निरीक्षक जगदीश प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मेला परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार हादसा शाम करीब सवा छह बजे हुआ। सुनामी झूले पर उस समय लगभग 15 लोग सवार थे। अचानक झूले का एक हिस्सा टूट गया, जिससे लोग हवा में लटक गए। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया और फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान झूले का दूसरा हिस्सा भी अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा। इस हिस्से की चपेट में आकर कई लोग घायल हो गए।
इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक जगदीश प्रसाद, जिन्हें जैसे ही झूला टूटने की सूचना मिली, वे बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। राहत कार्य के दौरान ही झूले का दूसरा टूटा हुआ हिस्सा उनके सिर पर आ गिरा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके इस साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखकर मौके पर मौजूद लोग भावुक हो उठे।
निरीक्षक जगदीश प्रसाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले थे और वर्तमान में पलवल पुलिस लाइन में तैनात थे। वह अपने सेवाकाल के अंतिम चरण में थे और करीब दो महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। ड्यूटी के दौरान इस तरह उनकी मौत ने न सिर्फ पुलिस विभाग बल्कि उनके परिवार और साथियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
हादसे में घायल सभी 13 लोगों को अलग अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन के अनुसार सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने झूला संचालक और मेला प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई।
इसी बीच सूरजकुंड मेले के गेट नंबर दो पर लगा एक सजावटी गेट भी गिर गया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। उसे भी नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए एहतियातन रात में महा चौपाल पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
इस हादसे ने एक बार फिर बड़े आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों की हकीकत उजागर कर दी है। वहीं, निरीक्षक जगदीश प्रसाद की ड्यूटी के दौरान हुई शहादत को लोग सलाम कर रहे हैं, जिन्होंने आखिरी सांस तक अपनी जिम्मेदारी निभाई।
