अमित मिश्रा की रिपोर्ट : उत्तर प्रदेश विशेष कार्यबल ने गोवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ ने 50 हजार रुपये के इनामी और 14 मुकदमों में नामजद गो तस्कर खलील को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहा यह अभियुक्त रविवार को दिल्ली कोलकाता हाईवे पर चंदौली जिले के सैयदराजा थाना क्षेत्र से दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां उससे जुड़ी आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार खलील थाना सैयदराजा में दर्ज मुकदमा संख्या 38/2023 में वांछित चल रहा था। इसके अलावा उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कुल 14-आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। खलील पर संगठित तरीके से गोवंशीय पशुओं की तस्करी करने का गंभीर आरोप है। जांच में सामने आया है कि वह एक सक्रिय और सुव्यवस्थित नेटवर्क के माध्यम से तस्करी को अंजाम देता था। इस नेटवर्क के जरिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार से गोवंशीय पशुओं को असम और पश्चिम बंगाल तक पहुंचाया जाता था।
एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि खलील का गिरोह कई जिलों में फैला हुआ था। गाजियाबाद, हरदोई और कुशीनगर जैसे जिलों में उसके संपर्क और सहयोगी सक्रिय थे। तस्करी के लिए अलग अलग रूट और वाहन इस्तेमाल किए जाते थे, जिससे पुलिस की नजरों से बचा जा सके। लंबे समय तक फरार रहने के कारण यह अभियुक्त एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह ने बताया कि मार्च 2023 में मुकदमा दर्ज होने के बाद से खलील लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह बिहार, हरियाणा, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में छिपता रहा। उसके खिलाफ न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी किया जा चुका था। इसके साथ ही दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 और 83 के तहत कुर्की की कार्रवाई भी पहले ही की जा चुकी थी, इसके बावजूद वह लगातार पुलिस को चकमा देता रहा।
विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद एसटीएफ की टीम ने सटीक रणनीति तैयार की। सैयदराजा थाना क्षेत्र के मिशलपुर स्थित डीग्घी गांव मोड़ के पास टीम ने घेराबंदी की। रविवार दोपहर करीब 3 बजकर 15 मिनट पर जैसे ही खलील वहां पहुंचा, एसटीएफ ने उसे घेर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को गो तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि खलील की गिरफ्तारी से न केवल एक बड़े संगठित गिरोह पर शिकंजा कसा है, बल्कि इससे गोवंश तस्करी से जुड़े अन्य नेटवर्क और तस्करी के रूट का भी खुलासा हो सकता है। एसटीएफ अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि उसके सहयोगियों, आर्थिक लेनदेन और अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े पूरे तंत्र को उजागर किया जा सके। यह कार्रवाई आने वाले दिनों में गो तस्करी पर और प्रभावी प्रहार का आधार बन सकती है।
