वाराणसी: हरिश्चंद्र कॉलेज में छात्रों ने यूजीसी के समर्थन में निकाला जुलूस

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय वाराणसी में यूजीसी के समर्थन में छात्रों द्वारा निकाला गया जुलूस

वाराणसी के मैदागिन स्थित हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के समर्थन में जुलूस निकालकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज परिसर में एकत्र हुए और उच्च शिक्षा में सुधार तथा गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यूजीसी के दिशा निर्देशों के समर्थन में नारे लगाए। छात्रों का कहना था कि यूजीसी की नीतियां शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही हैं।

जुलूस के दौरान छात्र पहले कॉलेज परिसर में घूमे और इसके बाद गेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। मौके पर एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह दल बल के साथ मौजूद रहे। पुलिस द्वारा छात्रों को आगे बढ़ने से रोके जाने पर कुछ देर के लिए धक्का मुक्की की स्थिति बनी। हालांकि छात्रों ने संयम बरतते हुए परिसर के भीतर ही जमीन पर बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी।

छात्रों ने जमीन पर बैठकर नारेबाजी की और यूजीसी के समर्थन में अपनी मांगों को दोहराया। उनका कहना था कि वे किसी तरह की अराजकता नहीं चाहते, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं। इस दौरान कॉलेज परिसर में कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा, लेकिन किसी भी तरह की बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।

इस आंदोलन में शिवम यादव, रोहित यादव, मनीष सोनी, राहुल कन्नौजिया, चंदन सोनकर, विवेक कुमार, शिवा सोनकर, मुहम्मद आसिफ सहित सैकड़ों छात्र शामिल रहे। सभी छात्रों ने एक स्वर में कहा कि वे उच्च शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के पक्षधर हैं और यूजीसी द्वारा तय किए गए दिशा निर्देशों से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता आएगी।

छात्रों का मानना है कि यूजीसी की नीतियों से कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का स्तर सुधरेगा, शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी तो देश का भविष्य भी मजबूत होगा। इसी सोच के साथ वे यूजीसी के समर्थन में सड़क पर उतरे हैं।

छात्र नेताओं ने प्रशासन से अपील की कि उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाए और उच्च शिक्षा से जुड़े फैसलों में छात्रों की राय को भी महत्व दिया जाए। उनका कहना था कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि पूरी तरह से छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है।

इस घटनाक्रम के बाद कॉलेज परिसर में काफी देर तक चर्चा का दौर चलता रहा। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के बीच भी छात्रों के आंदोलन को लेकर बातचीत होती रही। हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रों का यह प्रदर्शन न केवल यूजीसी के समर्थन में था, बल्कि यह संदेश भी देता है कि छात्र अब शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जागरूक हैं और अपने अधिकारों व भविष्य के लिए संगठित होकर आवाज उठाने को तैयार हैं।