वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अपराधों की रोकथाम और दुष्कर्म जैसे संगीन मामलों के त्वरित अनावरण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस आयुक्त भेलूपुर तथा प्रभारी निरीक्षक थाना भेलूपुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार पीड़िता जो घटना के समय लगभग 13 वर्ष की थी उसके परिजनों की ओर से थाना भेलूपुर में प्रार्थना पत्र दिया गया था। प्रार्थना पत्र में आरोपी द्वारा जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी निरीक्षक थाना भेलूपुर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुकदमा संख्या 0061 2026 धारा 376 और 506 भारतीय दंड विधान तथा 3 और 4 पॉक्सो एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
मामले के पंजीकरण के बाद पुलिस टीम द्वारा लगातार दबिश और तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में 29 जनवरी 2026 को पुलिस को सूचना मिली जिसके आधार पर आरोपी को द्वारिकाधीश मंदिर के पास से नियमानुसार हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अ*न कुमार पुत्र शम्भूनाथ निवासी ग्राम राघोपुर थाना रसड़ा जिला बलिया उम्र करीब 25 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले से संबंधित साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह गिरफ्तारी 29 जनवरी 2026 को द्वारिकाधीश मंदिर के पास थाना भेलूपुर कमिश्नरेट वाराणसी क्षेत्र में की गई। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार त्रिपाठी वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रेमलाल सिंह तथा उप निरीक्षक लवकुश यादव शामिल रहे।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि इस तरह के मामलों में बिना किसी भय के पुलिस को सूचना दें ताकि समय रहते पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके और समाज में कानून व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
