ऑपरेशन कन्विक्शन वाराणसी: 2003 में सड़क दुर्घटना और संपत्ति नुकसान मामले मे आरोपी को सजा

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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वाराणसी पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 2003 के एक पुराने मामले में अभियुक्त को सजा सुनाई गई।

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत कैंट थाने के 2003 के मामले में अभियुक्त को दो वर्ष कारावास

कार्यालय पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप थाना कैंट में वर्ष 2003 में पंजीकृत मुकदमे से संबंधित अभियुक्त को न्यायालय द्वारा सजा सुनाई गई है। माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जनपद वाराणसी ने अभियुक्त को दोषसिद्ध पाते हुए दो वर्ष के कारावास और कुल चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

वर्ष 2003 में दर्ज हुआ था मुकदमा

थाना कैंट कमिश्नरेट वाराणसी में मु0अ0सं0 0547 2003 धारा 279 304ए 427 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत यह मुकदमा पंजीकृत किया गया था। मामला लापरवाही से वाहन चलाने के कारण दुर्घटना तथा क्षति से संबंधित था। लंबे समय से लंबित इस प्रकरण में निरंतर निगरानी और प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय से अंतिम निर्णय प्राप्त हुआ।

अभियुक्त का विवरण

दोषसिद्ध अभियुक्त सरफराज खां पुत्र शमी अहमद खां निवासी ट्रांसपोर्ट नगर थाना बाबूपुरवा जनपद कानपुर है। न्यायालय ने साक्ष्यों और प्रस्तुत तर्कों के आधार पर अभियुक्त को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

प्रभावी पैरवी से मिली सफलता

प्रभारी निरीक्षक थाना कैंट और मॉनिटरिंग सेल वाराणसी द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत पुराने लंबित मामलों की समीक्षा कर उन्हें समयबद्ध तरीके से निस्तारित कराने की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में इस मामले में भी लगातार प्रयास किए गए। दिनांक 21 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जनपद वाराणसी द्वारा धारा 279 304ए 427 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत अभियुक्त को दो वर्ष के कारावास और कुल चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।

अभियान का उद्देश्य

पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य पुराने मामलों में साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी कर दोषियों को दंडित कराना है। इससे कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ न्यायिक प्रक्रिया में गति लाने का प्रयास किया जा रहा है।