वाराणसी: महाशिवरात्रि पर रामनगर में निकलेगी भव्य शिव बारात

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Sandeep Srivastava
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रामनगर में महाशिवरात्रि पर भव्य शिव बारात की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

वाराणसी के रामनगर में महाशिवरात्रि पर निकलेगी भव्य शिवबारात, तैयारियां अंतिम चरण में

वाराणसी। आस्था, उल्लास और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम एक बार फिर रामनगर क्षेत्र में देखने को मिलेगा। टेंगरा मोड़ स्थित शंकर नगर कॉलोनी से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव की भव्य बारात शोभायात्रा पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाएगी। आयोजन समिति ने इस बार शिवबारात को और अधिक आकर्षक, सुव्यवस्थित तथा यादगार बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। स्थानीय स्तर पर चल रही बैठकों और समन्वय के जरिए मार्ग, सुरक्षा, सजावट और झांकियों को लेकर विस्तृत योजना तैयार की गई है।

शाम 4 बजे टेंगरा मोड़ से होगा शुभारंभ

महाशिवरात्रि के दिन शाम 4 बजे शिवबारात का शुभारंभ टेंगरा मोड़ से किया जाएगा। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा अब रामनगर क्षेत्र की पहचान बन चुकी है। स्थानीय निवासियों के साथ साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होते हैं। ढोल नगाड़ों की गूंज, आकर्षक झांकियां, शिवभक्तों की टोलियां और हर हर महादेव के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। आयोजकों का कहना है कि शोभायात्रा पूर्व निर्धारित मार्ग से होकर गुजरेगी, जहां जगह जगह श्रद्धालुओं के स्वागत की व्यवस्था की जाएगी।

सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक

शिवबारात के संयोजक मुकेश कुमार कसेरा ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा का निर्वाह नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम भी है। उनके अनुसार, शिवबारात के जरिए समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर आने का अवसर मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और युवाओं से उन्होंने अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाएं। समिति का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करते हैं।

विशेष आकर्षण होंगी झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

इस वर्ष शिवबारात को विशेष रूप से भव्य बनाने के लिए भगवान शिव, माता पार्वती, श्रीगणेश, कार्तिकेय और शिवगणों के विविध रूपों पर आधारित झांकियों की तैयारी की गई है। स्थानीय कलाकारों और स्वयंसेवकों ने मिलकर इन झांकियों को तैयार किया है, जिनमें पौराणिक प्रसंगों का सजीव चित्रण किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार, बच्चों और युवाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ सके।

सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान

शिवबारात के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की टीम तैनात रहेगी। यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण को लेकर स्थानीय प्रशासन से भी समन्वय किया गया है। आयोजकों का कहना है कि सभी श्रद्धालुओं से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की जाएगी, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। मार्ग में चिकित्सा सहायता और पेयजल की भी व्यवस्था की जा रही है।

रामनगर की पहचान बन चुकी है शिवबारात

रामनगर क्षेत्र में निकलने वाली शिवबारात ने पिछले वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और सामुदायिक सहभागिता का भी उदाहरण प्रस्तुत करता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर जब शिवबारात टेंगरा मोड़ से आगे बढ़ेगी, तो पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा दिखाई देगा। श्रद्धालुओं का उत्साह और सहभागिता इस आयोजन को हर वर्ष नई ऊर्जा प्रदान करती है।

आयोजन समिति को उम्मीद है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में लोग शिवबारात में शामिल होंगे और परंपरा को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। वाराणसी और विशेषकर रामनगर क्षेत्र के लिए यह शिवबारात केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव का उत्सव है, जो वर्षों से लोगों को जोड़ता आया है।