86वें पीठासीन अधिकारी सम्मेलन में योगी: विधायिका लोकतंत्र की आधार इकाई, ई-विधान से बढ़ेगी पारदर्शिता

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Savan Nayak
मेरा नाम सावन कुमार है, और मैं न्यूज रिपोर्ट में वरिष्ठ क्राइम संवाददाता के रूप में कार्यरत हूँ। पत्रकारिता के प्रति मेरी गहरी रुचि है, और...
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लखनऊ में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए विधायिका को लोकतंत्र की आधारभूत इकाई बताया। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करने वाली विधायिका न केवल कानून निर्माण का मंच है बल्कि यही वह स्थान है जहां से समग्र विकास की दिशा और कार्ययोजना तय होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के तीन मूल तत्व न्याय समता और बंधुता भारत के लोकतंत्र की आत्मा हैं और इन तीनों को साकार करने में विधायिका की भूमिका केंद्रीय है। न्याय का ढांचा कानून के माध्यम से तैयार होता है समतामूलक समाज के लिए नीतियां और योजनाएं यहीं आकार लेती हैं और सहमति असहमति के बीच संवाद के जरिए बंधुता की भावना भी सदन से ही मजबूत होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्थाएं अत्यंत मजबूत हैं और पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने संसद को लोकतांत्रिक मूल्यों का केंद्र बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी मजबूती से सुनी जाती है। अपने संसदीय अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संसद की कार्यप्रणाली से विधानसभा और विधान परिषद को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इसी क्रम में उन्होंने प्रश्नकाल व्यवस्था में किए गए सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अधिक जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है और सदन की कार्यवाही अधिक प्रभावी बनी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि संसद के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव हर नागरिक का दायित्व है क्योंकि वही लोकतंत्र को दिशा देने का आधार है।

सम्मेलन में पारित प्रस्तावों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य पर जनभागीदारी को सबसे अहम बताया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के 300 से अधिक जनप्रतिनिधियों ने 24 घंटे तक गहन चर्चा की और अनेक व्यावहारिक सुझाव सामने आए। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनता से सुझाव लेने के लिए शुरू किए गए अभियान में पोर्टल के माध्यम से 98 लाख लोगों ने अपने विचार साझा किए। इन सुझावों को तकनीक की मदद से विशेषज्ञों के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि एक मजबूत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री का नहीं है बल्कि इसमें हर नागरिक हर जनप्रतिनिधि और हर संस्था की भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने ई विधान व्यवस्था और वर्ष में कम से कम 30 बैठकों के प्रस्ताव की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक के इस दौर में जनप्रतिनिधियों का डिजिटल रूप से सशक्त होना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा विधान परिषद कैबिनेट और बजट की प्रक्रिया अब पूरी तरह पेपरलेस हो चुकी है। यह व्यवस्था पारदर्शिता के साथ साथ कार्यकुशलता भी बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल नगर निकायों ग्राम पंचायतों और अन्य स्थानीय निकायों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है क्योंकि चुने हुए जनप्रतिनिधि ही विकास की असली धुरी होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा और विधान परिषद ज्वलंत मुद्दों पर निरंतर चर्चा का मंच बनी हुई हैं। सतत विकास लक्ष्यों पर लंबी चर्चा के बाद ठोस कार्ययोजना बनाई गई है और उसे लागू करने के लिए उच्च स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। संविधान दिवस के अवसर पर मौलिक अधिकारों और मूल कर्तव्यों पर हुई चर्चाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह संवाद केवल सदन तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि इसे गांव ब्लॉक और जिले तक ले जाना चाहिए। उन्होंने पीठ और सरकार के प्रोएक्टिव दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि संतुलन और संवाद ही लोकतंत्र की असली ताकत है।

समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह सहित देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए पीठासीन अधिकारी और अतिथि उपस्थित रहे। सम्मेलन को लोकतांत्रिक अनुभव साझा करने और सीखने सिखाने का प्रभावी मंच बताया गया।

मेरा नाम सावन कुमार है, और मैं न्यूज रिपोर्ट में वरिष्ठ क्राइम संवाददाता के रूप में कार्यरत हूँ। पत्रकारिता के प्रति मेरी गहरी रुचि है, और मैं हमेशा निष्पक्ष और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करने का प्रयास करता हूँ। समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करना और जनता की आवाज़ को सही मंच तक पहुँचाना मेरा उद्देश्य है।