वाराणसी: ऑपरेशन चक्रव्यूह में 10 अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरफ्तार, सभी धाराएं व आपराधिक इतिहास शामिल
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी कमिश्नरेट के वरुणा जोन में थाना कैंट और एसओजी की संयुक्त पुलिस टीम ने “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 8 अप्रैल 2026 को की गई, जिसमें पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1,70,000 रुपये नकद, विभिन्न महत्वपूर्ण दस्तावेज और घटना में प्रयुक्त एक चार पहिया वाहन (XUV-700) बरामद किया है। :contentReference[oaicite:0]{index=0}
यह अभियान पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश पर वांछित एवं फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाया जा रहा था। पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त कैंट के नेतृत्व में थाना कैंट व एसओजी की संयुक्त टीम ने यह सफलता हासिल की।
गिरफ्तारी का स्थान, समय और विवरण
दिनांक 08 अप्रैल 2026 को समय लगभग 03:00 बजे पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन कैंट प्लेटफॉर्म नंबर-09 के पास से सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह सभी आरोपी थाना कैंट में पंजीकृत मुकदमा संख्या 0065/2026 से संबंधित वांछित अपराधी थे।
घटना का पूरा विवरण
मामला 10 फरवरी 2026 का है, जब हनुमानगंज क्षेत्र की एक महिला ने थाना कैंट में तहरीर देकर बताया कि अज्ञात व्यक्तियों ने उसका बैग चोरी कर लिया। बैग में करीब 7 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज थे।
इस शिकायत के आधार पर थाना कैंट में मुकदमा संख्या 0065/2026 धारा 318(4)/303(2) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के दौरान अन्य धाराएं बढ़ाई गईं और गिरोह की पहचान की गई।
पंजीकृत धाराएं
मुकदमा संख्या – 0065/2026
धाराएं – 318(4), 303(2), 317(2), 317(4), 112(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS)
थाना – कैंट, कमिश्नरेट वाराणसी
टप्पेबाजी का तरीका
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी अपने लग्जरी वाहन XUV-700 से विभिन्न जनपदों में जाकर होटलों में ठहरते थे और बैंक, एटीएम तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की रेकी करते थे।
जब किसी व्यक्ति के पास अधिक नकदी होने की जानकारी मिलती, तो गिरोह का एक सदस्य उस पर गंदा पानी या खाने की चीज जैसे छोले-सब्जी डाल देता था। इसके बाद दूसरा सदस्य मदद के बहाने पास आकर उसका बैग या नकदी चोरी कर लेता था और सभी आरोपी तुरंत वाहन से फरार हो जाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
गिरफ्तार आरोपियों में जितेंद्र मिश्रा, मृत्युंजय कुमार सिंह, कुनाल कुमार तिवारी, राजू पांडेय, राजेश्वर तिवारी, राहुल तिवारी, सूरज तिवारी, संजय तिवारी, मुकुल तिवारी और रिकी तिवारी उर्फ अनिकेत तिवारी शामिल हैं। सभी आरोपी बिहार राज्य के बेगूसराय जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के निवासी हैं।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपियों के पास से 1,70,000 रुपये नकद, चेकबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, भारतीय स्टेट बैंक का एटीएम कार्ड तथा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त घटना में प्रयुक्त XUV-700 कार (लगभग 18 लाख रुपये मूल्य) भी बरामद की गई है।
आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना कैंट में मुकदमा संख्या 0065/2026 धारा 318(4)/303(2)/317(2)/317(4)/112(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इसके अतिरिक्त आरोपी राजेश्वर तिवारी के खिलाफ पूर्व में वाराणसी के थाना चौबेपुर और थाना सारनाथ में धारा 120-B, 379, 411, 420 भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्यों के खिलाफ बिहार के विभिन्न जिलों जैसे भागलपुर, पूर्णिया, तारापुर, मोतिहारी, कटिहार, रोसड़ा, बेगूसराय, हसनपुर और सुल्तानगंज में भी कई मामले दर्ज हैं। इन सभी मामलों की जानकारी एकत्र की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र, उपनिरीक्षक प्रवेश कुमार कुंतल, उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह, कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार, कांस्टेबल मनमोहन कुमार, कांस्टेबल रोहित तिवारी (साइबर सेल) तथा एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक गौरव सिंह एवं उनकी टीम की अहम भूमिका रही।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जो विभिन्न राज्यों में टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और अन्य संभावित अपराधों का भी खुलासा किया जाएगा।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
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