अलीगढ़: दादों क्षेत्र से जुड़ी एक अनोखी प्रेम कहानी का अंत भी उतना ही चौंकाने वाला साबित हुआ, जितनी इसकी शुरुआत थी। अप्रैल 2025 में बेटी के विवाह से ठीक पहले होने वाली सास द्वारा अपने दामाद को ही जीवनसाथी चुन लेने का मामला उस समय चर्चा का विषय बना था। अब करीब दस महीने बाद वही महिला अपने नए पति को छोड़कर बहनोई के साथ कहीं चली गई है। पीड़ित युवक ने दादों थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी है और अपने साथ हुए विश्वासघात की कहानी सुनाई है।
थाना दादों के गांव मछरिया नगला निवासी राहुल कुमार की शादी अप्रैल 2025 में थाना मडराक क्षेत्र के गांव मनोहरपुर में तय हुई थी। सगाई के बाद राहुल और उसकी होने वाली सास सपना देवी के बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई। शुरुआती औपचारिक बातचीत धीरे धीरे व्यक्तिगत बातचीत में बदल गई और दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। राहुल और पुलिस के अनुसार विवाह से करीब 12 दिन पहले सपना देवी अपने पति और परिवार को छोड़कर राहुल के पास चली आईं। इस घटनाक्रम से दोनों परिवारों में हड़कंप मच गया था।
सपना देवी के पति ने उस समय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार सहित कई राज्यों में दबिश दी। बाद में दोनों स्वयं दादों थाने पहुंचे। वहां से उन्हें मडराक थाने भेजा गया, जहां दोनों ने एक दूसरे के साथ रहने की बात स्वीकार की और जीवन भर साथ निभाने की कसमें खाईं। दोनों की सहमति और लिखित बयान के आधार पर पुलिस ने उन्हें साथ रहने की अनुमति दे दी। इसके बाद राहुल और सपना देवी साथ रहने लगे और बिहार के एक जिले में जाकर बस गए।
राहुल ने पुलिस को बताया कि वह बिहार में फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता था और दोनों वहीं रह रहे थे। उसके अनुसार छह फरवरी को सपना देवी अचानक उसे छोड़कर अपने बहनोई के साथ कहीं चली गईं। राहुल का आरोप है कि जाते समय वह करीब दो लाख रुपये नगद और कुछ गहने भी साथ ले गईं। कई दिनों तक तलाश करने के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला तो वह अलीगढ़ लौट आया और बुधवार दोपहर दादों थाने पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया।
थाना प्रभारी सरिता द्विवेदी ने बताया कि युवक कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर गया है, लेकिन घटना बिहार की है, इसलिए दादों थाना क्षेत्र में सीधे कार्रवाई संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला जिस क्षेत्र का है, वहीं की पुलिस को इसकी विधिक कार्रवाई करनी होगी।
यह प्रकरण रिश्तों की जटिलता और बदलते सामाजिक समीकरणों की एक अनोखी मिसाल बन गया है। जिस प्रेम कहानी ने पारंपरिक रिश्तों की परिभाषा को चुनौती दी थी, उसका अंत भी सवालों से घिरा हुआ है। अब देखना होगा कि पीड़ित युवक बिहार पुलिस से न्याय की उम्मीद लेकर आगे क्या कदम उठाता है।
