मऊ: पार्सल अधीक्षक और आरपीएफ जवान के बीच विवाद का वीडियो वायरल, जांच के आदेश

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Sandeep Srivastava
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मऊ रेलवे स्टेशन पर पार्सल अधीक्षक और आरपीएफ जवान के बीच तीखी बहस का वायरल वीडियो

मऊ: पार्सल अधीक्षक और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर तैनात घोसी निवासी रेलवे सुरक्षा बल के एक जवान के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। करीब एक मिनट 38 सेकंड के इस वीडियो में पार्सल कक्ष के बाहर दोनों के बीच कहासुनी होती दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पार्सल अधीक्षक को वाराणसी तलब कर लिया है और जांच के आदेश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार आरपीएफ का जवान अपने घरेलू सामान की पार्सल बुकिंग कराने रेलवे स्टेशन पहुंचा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर पार्सल अधीक्षक से उसका विवाद हो गया। वायरल वीडियो में पार्सल अधीक्षक खुद को राजेश सिंह बताते हुए जवान से तीखे शब्दों में बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उन्हें यह कहते सुना जा सकता है कि तरीके से बात करो, सारी आरपीएफ गिरी भीतर डाल देंगे और औकात में रहो। इतना ही नहीं, वह यह भी कहते दिख रहे हैं कि तुम्हारा सामान बाद में जाएगा, पहले तुम जाओगे। बातचीत के दौरान भाषा और लहजा दोनों ही काफी आक्रामक प्रतीत हो रहे हैं।

वीडियो में पार्सल अधीक्षक यह सवाल उठाते भी सुनाई दे रहे हैं कि गाड़ी अंदर लाने की अनुमति किसने दी और किससे पूछकर वाहन अंदर लाया गया। वह यह भी कहते हैं कि आरपीएफ होने का मतलब यह नहीं कि कोई खुदा हो गया। पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के बीच तनाव साफ झलकता है, हालांकि वीडियो में आरपीएफ जवान की ओर से कही गई बातें स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं देतीं।

वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे महकमे में हलचल मच गई। पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और संबंधित पार्सल अधीक्षक को वाराणसी मुख्यालय तलब किया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कर्मचारी द्वारा अनुशासनहीन या आपत्तिजनक व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस घटना ने रेलवे स्टेशन परिसर में कर्मचारियों के आचरण और यात्रियों तथा अन्य विभागों के कर्मियों के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब सबकी नजर रेलवे प्रशासन की जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि विवाद की असली वजह क्या थी और जिम्मेदारी किसकी बनती है।