Tue, 18 Nov 2025 16:38:57 - By : Garima Mishra
आजमगढ़ पुलिस ने सोमवार की देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार गैंग से जुड़े दो कुख्यात अपराधियों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। जिले में पिछले कई महीनों से चोरी, छिनैती और लूट की घटनाओं में शामिल इस गैंग की गिरफ्तारी को पुलिस ने बड़ी सफलता माना है। मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाश पैरों में गोली लगने से घायल हुए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कंधरापुर थानाध्यक्ष अनुराग कुमार अपनी टीम के साथ देर रात गश्त पर थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि दो शातिर अपराधी किशुनदासपुर से सेहदा की ओर अवैध असलहों के साथ पहुंच रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम भोर्रा मकबूलपुर अंडरपास पुलिया के पास चेकिंग पर मुस्तैद हो गई। कुछ देर बाद मुखबिर के बताए हुलिए से मिलते हुए दो युवक मोटरसाइकिल पर आते दिखाई दिए।
पुलिस को देखकर दोनों ने वापस मुड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घबराहट में मोटरसाइकिल फिसलकर सर्विस लेन पर गिर पड़ी। इसके बाद दोनों आरोपी झाड़ियों की आड़ में छिपकर पुलिस पर फायरिंग करने लगे। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उन्हें तुरंत काबू में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान त्रिभुवन सिंह उर्फ गोलू, निवासी सिकंदरपुर थाना कोतवाली, जिला गाजीपुर और पंकज पासवान, निवासी डिडखिली थाना दुर्गावती जिला कैमूर बिहार के रूप में हुई। त्रिभुवन के बाएं पैर और पंकज के दाएं पैर में गोली लगी है। मौके से दो तमंचे, कारतूस और बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की गई।
एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि त्रिभुवन सिंह पर चोरी, लूट, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट के कुल नौ मामले दर्ज हैं। वहीं पंकज पासवान के खिलाफ वाराणसी, चंदौली और बिहार के कई जिलों में चोरी, लूट, फर्जीवाड़ा, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट के 19 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों आरोपी लंबे समय से सक्रिय आपराधिक गिरोह से जुड़े हुए थे और कई वारदातों में शामिल रहे हैं।
पुलिस इनके अन्य साथियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों ने कहा कि इनकी गिरफ्तारी से जिले में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ेगा और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।