Wed, 14 Jan 2026 11:16:36 - By : Palak Yadav
काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। विश्वविद्यालय प्रशासन उन छात्रों के लिए निशुल्क भोजन व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण हास्टल मेस का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। प्रस्तावित योजना के तहत परिसर के लगभग 400 जरूरतमंद छात्रों को प्रतिदिन मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र की पढ़ाई केवल आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित न हो और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इस योजना को व्यवहारिक रूप देने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन प्रमुख संस्थाओं से संवाद शुरू किया है जिनमें श्रीकाशी विश्वनाथ धाम न्यास बीएचयू परिसर स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर और अक्षय पात्र फाउंडेशन शामिल हैं। इन संस्थाओं के साथ सहयोग की रूपरेखा तैयार की जा रही है ताकि भोजन की गुणवत्ता और नियमितता सुनिश्चित की जा सके। विश्वविद्यालय स्तर पर एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है जो पात्र छात्रों की पहचान करेगी और भोजन वितरण की संपूर्ण व्यवस्था को संचालित करेगी। वर्तमान में बीएचयू के लगभग 80 हास्टलों में 10 हजार से अधिक छात्र रहते हैं जहां एक थाली की कीमत 50 से 55 रुपये के बीच होती है और एक छात्र का मासिक मेस खर्च 3000 से 3500 रुपये तक पहुंच जाता है। दूर दराज के गांवों और गरीब परिवारों से आने वाले कई मेधावी छात्रों के लिए यह राशि बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में यह नई व्यवस्था न केवल उनकी आर्थिक चिंता कम करेगी बल्कि उन्हें बेहतर एकाग्रता के साथ पढ़ाई करने का अवसर भी देगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस कदम को शिक्षा और मानवीय संवेदनशीलता का सार्थक उदाहरण माना जा रहा है।