कानपुर: आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस पलटी, पांच साल के बच्चे सहित 3 की मौत, 25 घायल

कानपुर के आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस पलटने से पांच साल के बच्चे सहित तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई और पच्चीस से अधिक घायल हुए।

Tue, 18 Nov 2025 16:14:43 - By : Garima Mishra

कानपुर में मंगलवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा हो गया जब दिल्ली से बिहार के सिवान जा रही तेज रफ्तार स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और पलट गई. यह हादसा आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के अरौल क्षेत्र में हुआ. बस में कुल 45 यात्री सवार थे जिनमें से कई लोग गहरी नींद में थे. टक्कर का जोर इतना था कि बस एक्सप्रेसवे पर लगभग पचास फीट तक घिसटती चली गई. आगे का हिस्सा पूरी तरह पिचक गया जिससे कई यात्री सीटों और लोहे की सलाखों के बीच फंस गए. इस भीषण दुर्घटना में पांच साल के बच्चे समेत तीन यात्रियों की मौके पर मौत हो गई. जबकि छह बच्चों सहित पच्चीस से अधिक लोग घायल हुए हैं.

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक बच्चे का सिर धड़ से अलग हो गया. उसकी मां का पैर कट गया और वह आईसीयू में भर्ती है. पिता को भी गहरी चोटें आई हैं. यह परिवार इलाज के लिए भटकता रहा और जब पिता ने अपने बेटे का शव देखा तो वह वहीं गिर पड़ा. रोते हुए उसकी हालत देखकर राहगीर, पुलिसकर्मी और अस्पताल कर्मचारी भी अपने आंसू रोक नहीं पाए. एक पिता के दर्द ने हर किसी को झकझोर दिया.

हादसा सुबह करीब तीन बजकर बीस मिनट पर हुआ. बस दिल्ली के आनंद विहार से चली थी और सिवान की ओर जा रही थी. कई यात्रियों ने बताया कि ड्राइवर रास्ते भर बस को लहराते हुए चला रहा था. उन्हें लगा कि शायद उसे झपकी आ रही है या वह नशे में है. अचानक बस तेज रफ्तार में डिवाइडर से टकराई और पलट गई. पलटने के बाद चीख पुकार मच गई क्योंकि ज्यादातर यात्री अंदर दबे हुए थे. अंधेरा होने के कारण आस पास जल्दी मदद नहीं पहुंच सकी. कुछ देर बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस पहुंची तो शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया. कई सीटों को काटकर घायलों को बाहर लाया गया.

टक्कर के बाद बस के आगे करीब सौ मीटर तक शीशे और लोहे के पार्ट्स बिखरे मिले. हादसे के तुरंत बाद चालक और क्लीनर मौके से भाग गए. उनकी तलाश की जा रही है. पुलिस ने बताया कि बस नालंदा आरटीओ में वर्ष 2018 में रजिस्टर्ड हुई थी और यह दिल्ली से सिवान जा रही थी. बस में यूपी, बिहार, दिल्ली और हरियाणा के यात्री सवार थे.

मृतकों की पहचान पांच साल के अनुराग पुत्र अजय निवासी शिवांग बिहार, नसीम आलम उम्र बीस वर्ष पुत्र सुहेल अहमद बिहार और शशि कुमार उम्र छब्बीस वर्ष पुत्र धर्मेंद्र गिरी पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है. अनुराग की मां का पैर कट गया और आईसीयू में इलाज जारी है. पिता अजय को भी चोटें आई हैं. कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हैं जिनमें सिवान, गोपालगंज, दरभंगा, छपरा, गोरखपुर, फरीदाबाद, दिल्ली, अयोध्या और बस्ती के लोग शामिल हैं. इनका इलाज कानपुर के हैलट अस्पताल में चल रहा है.

पुलिस उपायुक्त पश्चिम दिनेश त्रिपाठी सुबह अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की. उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत कर बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने भी अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और उन्हें हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिया. इस हादसे ने फिर एक बार यह साफ कर दिया है कि तेज रफ्तार और लापरवाही एक पल में कई परिवारों की जिंदगी बदल सकती है.

वाराणसी: संत रविदास जन्मस्थली पर साढ़े चार करोड़ का आधुनिक यात्री निवास तैयार

वाराणसी: अखिलेश के निर्देश पर सपा कार्यकर्ताओं ने उड़ाई पीडीए पतंग, दिया बड़ा राजनीतिक संदेश

वर्ष 2026 में चार ग्रहण होंगे घटित, भारत में केवल एक चंद्रग्रहण ही दृश्य होगा

BHU छात्रा सामूहिक दुष्कर्म केस: सुनवाई 3 फरवरी तक टली, कोर्ट का सख्त आदेश

पश्चिमी विक्षोभ के बाद मौसम का बदला मिजाज, दिन में धूप रात में गलन का अहसास