लखनऊ: अवैध बांग्लादेशी-रोहिंग्या की पहचान तेज, कर्मचारियों के दस्तावेज जांचे गए

लखनऊ नगर निगम ने अवैध बांग्लादेशी व रोहिंग्या नागरिकों की पहचान के लिए कार्रवाई तेज की है, कर्मचारियों के दस्तावेज जांचे जा रहे हैं।

Tue, 18 Nov 2025 16:43:06 - By : Tanishka upadhyay

लखनऊ में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की पहचान के लिए नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। महापौर सुषमा खर्कवाल के निर्देश पर सभी जोनों में जांच और सत्यापन की प्रक्रिया लगातार चल रही है। इसी क्रम में मंगलवार सुबह उन्होंने जोन 4 के अंतर्गत गोमतीनगर के विनीत खंड 6 स्थित पोर्टेबल कंपैक्टर ट्रांसफर स्टेशन PCTS सेंटर का औचक निरीक्षण किया, जहां सफाई कर्मचारियों और अन्य स्टाफ के दस्तावेजों की बारीकी से जांच कराई गई।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने विशेष रूप से असम से आए कर्मचारियों के पहचान पत्र और प्रमाण पत्रों की जांच कराई। उन्होंने अधिकारियों के साथ बातचीत कर यह सुनिश्चित किया कि कहीं किसी भी सफाई कार्य या कूड़ा प्रबंधन में कोई बांग्लादेशी या रोहिंग्या नागरिक अवैध रूप से तो नियुक्त नहीं है। महापौर ने कहा कि नगर निगम की व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि सभी कर्मचारियों की पहचान का सत्यापन समय पर हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी कर्मचारी की नियुक्ति तभी की जाए जब वह वैध पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करे। महापौर ने कहा कि साफ सफाई की व्यवस्था तभी बेहतर ढंग से चल सकती है जब सभी कर्मचारी विधिक दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त हों और उनकी पहचान की स्पष्ट पुष्टि हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि PCTS सेंटर पर तैनात कर्मचारियों का समय समय पर पुनः सत्यापन भी कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध नियुक्ति की गुंजाइश न रहे।

निरीक्षण के दौरान जोन 4 के अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों की पहचान जांच प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है और सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि वे बिना दस्तावेज जांच के किसी भी नए कर्मचारी को काम पर न लगाएं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन कर्मचारियों के दस्तावेज संदिग्ध पाए जाएंगे, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है, और इसके लिए आवश्यक है कि सभी स्तरों पर नियमों का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध रूप से रह रहे बाहरी लोगों की पहचान एक सतत प्रक्रिया है, जिसे सावधानी और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि शहर की सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता मिशन दोनों मजबूत रह सकें।

वाराणसी: संत रविदास जन्मस्थली पर साढ़े चार करोड़ का आधुनिक यात्री निवास तैयार

वाराणसी: अखिलेश के निर्देश पर सपा कार्यकर्ताओं ने उड़ाई पीडीए पतंग, दिया बड़ा राजनीतिक संदेश

वर्ष 2026 में चार ग्रहण होंगे घटित, भारत में केवल एक चंद्रग्रहण ही दृश्य होगा

BHU छात्रा सामूहिक दुष्कर्म केस: सुनवाई 3 फरवरी तक टली, कोर्ट का सख्त आदेश

पश्चिमी विक्षोभ के बाद मौसम का बदला मिजाज, दिन में धूप रात में गलन का अहसास