Wed, 14 Jan 2026 13:57:05 - By : Palak Yadav
संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण परियोजना आकार ले चुकी है। रैदासी भक्तों और देश विदेश में रहने वाले एनआरआइ भक्तों के उदार सहयोग से साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला यात्री निवास के दो ब्लाक बनाए गए हैं। इनमें से एक ब्लाक का लोकार्पण पिछले वर्ष संत रविदास की जयंती के अवसर पर संत निरंजन दास द्वारा किया गया था जबकि दूसरा ब्लाक भी अब लगभग तैयार हो चुका है और उसमें केवल रंगरोगन का कार्य शेष है। दोनों ब्लाक में तीस तीस आधुनिक कमरे बनाए गए हैं जिनमें श्रद्धालुओं के ठहरने की समुचित व्यवस्था होगी।
इस यात्री निवास की नींव अठारह जून दो हजार तेईस को रैदासिया धर्म संगठन के प्रमुख संत निरंजन दास ने ट्रस्ट के सहयोग से रखी थी। इसके बाद देश और विदेश से जुड़े रैदासी समाज के लोगों और एनआरआइ भक्तों ने खुले दिल से दान दिया जिससे निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सका। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार लगभग पंद्रह हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में बने इस यात्री निवास में न केवल रहने बल्कि भोजन की भी उचित व्यवस्था की जाएगी ताकि दूर दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इससे पहले भगवानपुर लंका क्षेत्र में संत सरवन दास गेस्ट हाउस का निर्माण किया गया था जिसमें करीब सौ कमरे उपलब्ध हैं। अब संत रविदास जयंती के अवसर पर दूसरा भवन श्रद्धालुओं के लिए एक और बड़ी सौगात के रूप में सामने आया है। इस वर्ष जयंती के अवसर पर केवल एक विशेष ट्रेन पंजाब से वाराणसी पहुंचेगी जिसमें संत निरंजन दास के साथ संत समाज के अन्य सदस्य और एनआरआइ भक्त शामिल होंगे। यह ट्रेन उनतीस जनवरी को पंजाब से रवाना होकर तीस जनवरी को वाराणसी पहुंचेगी। इकतीस जनवरी को पार्क में दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा और एक फरवरी को संत रविदास का जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा।
जन्मस्थली परिसर में पार्क के सुंदरीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है ताकि श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिल सके। संत रविदास की शिक्षाएं आज भी समाज को समानता और मानवता का संदेश देती हैं और ऐसे आयोजन उनकी विरासत को सजीव बनाए रखने का कार्य कर रहे हैं। नए यात्री निवास के निर्माण से न केवल श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा मिलेगी बल्कि सीर गोवर्धनपुर संत रविदास के अनुयायियों के लिए एक सशक्त धार्मिक केंद्र के रूप में और अधिक पहचान स्थापित करेगा। यह परियोजना रैदासी समाज के लिए आस्था सेवा और संगठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।