Wed, 14 Jan 2026 13:39:43 - By : Palak Yadav
मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में एक अनोखे और संदेशपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। नगवा स्थित रविदास घाट पर आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने पीडीए संदेश वाली विशेष पतंग उड़ाकर पर्व को एक सामाजिक और राजनीतिक अभिव्यक्ति से जोड़ा। कार्यक्रम में शामिल कार्यकर्ता प्रदीप यादव ने बताया कि यह पहल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की पीडीए को लेकर सोच और दृष्टिकोण से प्रेरित है। उसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए कार्यकर्ताओं ने पीडीए लिखी पतंग विशेष रूप से तैयार करवाई, जिस पर बदलने को सरकार पीडीए है तैयार का संदेश अंकित किया गया।
कार्यकर्ताओं के अनुसार इस विशेष पतंग को सबसे पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ स्थित उनके कार्यालय में भेंट किया गया था। उन्होंने इस प्रयास की सराहना की और अपने सोशल मीडिया माध्यमों से पीडीए की पतंग के जरिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी साझा किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर ही मकर संक्रांति के दिन वाराणसी में कार्यकर्ताओं ने इस पतंग को आसमान में उड़ाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और सभी ने एकजुट होकर पूरे आयोजन में सक्रिय भागीदारी की।
यह आयोजन केवल मकर संक्रांति का पर्व मनाने तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसे समाजवादी पार्टी के पीडीए पार्टी विकास और बदलाव के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बनाया गया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पतंग के माध्यम से उन्होंने समाज में बदलाव की आवश्यकता और पार्टी की नीतियों तथा योजनाओं को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत करने का प्रयास किया। आसमान में उड़ती पतंग के साथ यह संदेश भी दिया गया कि जनता के सहयोग से बदलाव संभव है।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं। पतंग के डिजाइन और उस पर लिखे संदेश को लेकर कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह था। सभी ने मिलकर सामूहिक प्रयास किया जिससे आयोजन को एक अलग पहचान मिली। कार्यक्रम में शामिल कार्यकर्ताओं ने बताया कि मकर संक्रांति केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है। पतंग उड़ाने की परंपरा को राजनीतिक और सामाजिक संदेश से जोड़कर उन्होंने इसे और अधिक अर्थपूर्ण बनाने का प्रयास किया।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं था बल्कि अपने विचारों और नीतियों को शांतिपूर्ण और रचनात्मक तरीके से लोगों के बीच पहुंचाना भी था। मकर संक्रांति के दिन पीडीए की पतंग उड़ाकर कार्यकर्ताओं ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि पार्टी एक नई दिशा और बदलाव की सोच के साथ आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में जनता के बीच अपनी बात मजबूती से रखेगी।