Wed, 19 Nov 2025 14:20:14 - By : Tanishka upadhyay
वाराणसी के बसनी चौराहे पर बुधवार को सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर एकता यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन में जल शक्ति और बाढ़ नियंत्रण मंत्री स्वतंत्र देव सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों के बीच उन्होंने सरदार पटेल के योगदान और उनके विचारों को याद करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व है और इसे बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने कड़ी मेहनत, आत्मबल और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर भारत को एक मजबूत राष्ट्र की दिशा दिखाई थी।
अपने संबोधन में मंत्री ने यह भी कहा कि आज के समय में समाज को भेदभाव रहित और एकजुट होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों के निर्वहन, अहिंसा के मार्ग पर चलने और भय पर विजय पाने की जरूरत पर जोर दिया। उनके अनुसार सुशासन और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था ही स्वतंत्र भारत को समृद्ध बनाने का आधार है।
कार्यक्रम में दूसरे वक्ता के रूप में पिंडरा विधायक डॉ अवशेश सिंह ने कहा कि राष्ट्र की समृद्धि के लिए लोगों को आपसी भेदभाव भूलकर एक साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर राष्ट्रहित में काम करेगा तब देश की प्रगति और अधिक तेज होगी। इस अवसर पर विधायक ने मुख्य अतिथि स्वतंत्र देव सिंह को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित भी किया।
एकता यात्रा बसनी से शुरू होकर कुआर बाजार तक निकाली गई। यात्रा में हजारों की भीड़ उमड़ी और लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। घुड़सवार दल और बुलेट सवार युवाओं का जुलूस यात्रा का विशेष आकर्षण बना रहा। सड़क के दोनों ओर खड़े लोग इस अनूठे प्रदर्शन को देखने के लिए जमा हुए।
कार्यक्रम में पूर्व गृह सचिव अवनीश अवस्थी, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, एसडी अग्रवाल, एसडीएम प्रतिभा मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, पवन सिंह, डॉ जे पी दुबे और संदीप सिंह सहित हजारों लोग मौजूद रहे। इस आयोजन के जरिए सरदार पटेल के सिद्धांतों और विचारों को समाज तक पहुंचाने तथा लोगों को आपसी एकता के महत्व के प्रति जागरूक करने का उद्देश्य रखा गया था।
एकता यात्रा ने यह संदेश दिया कि सरदार पटेल का जीवन और विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता के समय थे। ऐसे कार्यक्रम समाज में एकता, भाईचारा और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं और आगे भी इस प्रकार की गतिविधियों की आवश्यकता महसूस होती है।