Wed, 19 Nov 2025 14:27:32 - By : Palak Yadav
वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र में क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति पर चार अलग अलग लोगों के क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग कर डेढ़ लाख रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप लगा है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोपी मेराज अहमद पर पहले भी धोखाधड़ी से संबंधित एक मामला दर्ज है, जिससे पुलिस इस मामले को गंभीरता से देख रही है।
मामला खालिसपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार अनेई बड़ागांव निवासी मेराज अहमद ने स्वयं को बैंक से जुड़ा बताते हुए उनसे क्रेडिट कार्ड खुलवाए थे। उसके कहने पर चार लोगों ने अपने दस्तावेज उपलब्ध कराए और क्रेडिट कार्ड जारी हो गए। कुछ समय बाद मेराज ने सभी कार्ड यह कहकर अपने पास ले लिए कि बैंक में कुछ सुधार करने हैं और कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी हैं।
शिकायतकर्ताओं ने उस पर विश्वास कर कार्ड उसे सौंप दिए, लेकिन दो दिन बाद ही क्रेडिट कार्ड खाते से अचानक बड़ी रकम निकाली जाने लगी। सुरेंद्र प्रसाद सिंह के कार्ड से 47126 रुपये, शशि शर्मा के कार्ड से 35742 रुपये, गुलाम रसूल के कार्ड से 44529 रुपये और राजन के कार्ड से 22000 रुपये निकाल लिए गए। आरोप है कि रकम निकालने के बाद मेराज अहमद ने सभी कार्ड बंद करवा दिए और फिर फरार हो गया।
इस धोखाधड़ी से परेशान चारों पीड़ित अब पुलिस और बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। क्रेडिट कार्ड पर बढ़ती ब्याज राशि का भार भी उन पर बढ़ता जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर और प्रभाव पड़ रहा है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने बैंक से भी शिकायत की है लेकिन अब तक उन्हें कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिला है।
फूलपुर इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ितों ने लिखित तहरीर दी है। उन्होंने हल्का इंचार्ज को मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। इंस्पेक्टर के अनुसार आरोपी मेराज अहमद के खिलाफ फूलपुर थाने में पहले से ही एक मुकदमा दर्ज है, इसलिए उसके आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए जांच तेजी से की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर लेनदेन की जांच भी की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने और भी लोगों के साथ इसी तरह की ठगी की है या यह गिरोह के रूप में काम करने का मामला है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने और किसी अनजान व्यक्ति को बैंक से जुड़ा समझकर दस्तावेज या कार्ड न सौंपने की सलाह दी जा रही है।
यह मामला फिर एक बार दिखाता है कि बैंकिंग धोखाधड़ी किस तरह तेजी से बढ़ रही है और लोगों को जागरूक रहने की कितनी आवश्यकता है।