पश्चिमी विक्षोभ के बाद मौसम का बदला मिजाज, दिन में धूप रात में गलन का अहसास

पश्चिमी विक्षोभ के बाद मौसम में बदलाव, दिन में धूप खिली पर सुबह-शाम गलन बरकरार, अगले कुछ दिन शीतलहर की संभावना नहीं।

Wed, 14 Jan 2026 11:46:04 - By : Palak Yadav

पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने और उत्तरी पश्चिमी हवाओं के कमजोर पड़ने के बाद मौसम के मिजाज में धीरे धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है। बीते पांच दिनों से खिली हुई धूप मंगलवार को भी बनी रही और तापमान में हल्की गिरावट के बावजूद दिन में उष्णता का स्पष्ट आभास कराया। सुबह के समय मौसम सुखद रहा और लोगों को राहत महसूस हुई लेकिन दोपहर ढलने के साथ ही सुबह शाम और रात के समय गलन ने दोबारा असर दिखाना शुरू कर दिया। ठंडी पछुआ हवा के कारण सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद ठिठुरन का अनुभव बना रहा जबकि दिन में तेज धूप ने वातावरण को गुनगुना बनाए रखा।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार फिलहाल अगले पांच से छह दिनों तक किसी नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होने से कोहरे और शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है। दिन के समय तेज धूप तापमान को सामान्य से ऊपर बनाए रखेगी जबकि सुबह शाम और रात में हल्की ठंड और गलन बनी रह सकती है। पछुआ हवा के कमजोर होने के कारण बीएचयू क्षेत्र में बीते चौबीस घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में शून्य दशमलव छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई लेकिन धूप के प्रभाव से यह अब भी सामान्य से एक दशमलव छह डिग्री सेल्सियस अधिक रहा और तेईस दशमलव दो डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में भी शून्य दशमलव छह डिग्री सेल्सियस की कमी आई और यह सामान्य से शून्य दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस अधिक नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

प्रदेश स्तर पर देखा जाए तो बनारस अन्य शहरों की तुलना में सबसे गर्म रहा और यहां ठिठुरन अपेक्षाकृत कम महसूस की गई। बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान में शून्य दशमलव आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट के बाद यह सामान्य से शून्य दशमलव आठ डिग्री सेल्सियस अधिक बाईस दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान में एक दशमलव आठ डिग्री सेल्सियस की कमी आई और यह सामान्य से एक दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस नीचे सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का कोल्ड फ्रंट कमजोर होकर तेजी से गुजर गया है और फिलहाल क्षेत्र में कोई प्रभावी सिस्टम सक्रिय नहीं है। हालांकि पांच से छह दिनों के बाद दो पश्चिमी विक्षोभ के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है जिनका वार्म फ्रंट मौसम को कुछ और उष्ण बना सकता है जबकि कोल्ड फ्रंट के अधिक प्रभावी होने के संकेत फिलहाल नहीं हैं। ऐसे में आने वाले लगभग एक सप्ताह तक शीतलहर या घने कोहरे जैसी स्थिति बनने की संभावना कम मानी जा रही है।

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