प्रसिद्ध अभिनेता Anupam Kher एक बार फिर आध्यात्मिक नगरी वाराणसी पहुंचे। गुरुवार की शाम काशी आगमन के बाद उन्होंने रात्रि विश्राम किया और शुक्रवार की सुबह शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में दर्शन पूजन के लिए निकले। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले Sankat Mochan Temple में भगवान हनुमान के दर्शन किए और इसके बाद Kashi Vishwanath Temple पहुंचकर भगवान शिव के दरबार में मत्था टेका। मंदिरों में दर्शन के दौरान अभिनेता पूरी तरह श्रद्धा और आस्था में लीन नजर आए।
दर्शन के बाद अनुपम खेर ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए और काशी के आध्यात्मिक वातावरण की खुलकर सराहना की। उन्होंने मंदिर परिसरों और सुबह के शांत वातावरण की तस्वीरें साझा करते हुए काशी को आत्मा को छू लेने वाला अनुभव बताया। उनके अनुसार वाराणसी का हर कोना ऊर्जा और भक्ति से भरा हुआ है और यहां आकर मन स्वतः ही प्रार्थना की ओर झुक जाता है। उन्होंने अपने प्रशंसकों और शुभचिंतकों के लिए भी मंगल कामना करते हुए इस यात्रा को आत्मिक शांति से जुड़ा बताया।
यह यात्रा केवल व्यक्तिगत आस्था तक सीमित नहीं रही बल्कि इसके माध्यम से अभिनेता ने वाराणसी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को भी सामने रखा। संकट मोचन मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं। अनुपम खेर का इन स्थलों पर पहुंचना उनके उस जुड़ाव को दर्शाता है जो वह लंबे समय से काशी के साथ महसूस करते आए हैं। उनके इस दौरे ने प्रशंसकों के बीच सकारात्मक संदेश दिया और काशी की परंपरा और आध्यात्मिक विरासत की ओर ध्यान आकर्षित किया।
अनुपम खेर इससे पहले भी कई बार वाराणसी आ चुके हैं और हर बार उन्होंने शहर के बदलते स्वरूप के साथ साथ इसकी मूल आत्मा को भी उजागर किया है। कभी आम श्रद्धालु के रूप में तो कभी साधारण वेश में वह काशी के घाटों मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर नजर आ चुके हैं। इस बार भी उनकी यात्रा ने यह स्पष्ट किया कि वाराणसी उनके लिए केवल एक शहर नहीं बल्कि आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र है। शुक्रवार को जारी किए गए उनके संदेश और दृश्य एक बार फिर इस बात की पुष्टि करते हैं कि काशी का महत्व समय और परिस्थिति से परे है।
