अयोध्या के चौक घंटाघर का कायाकल्प अब तय हो चुका है और शहर के लोग एक बार फिर उस घड़ी की टिक टिक सुनने की तैयारी कर रहे हैं जो दशकों से बंद पड़ी थी। यह घंटाघर केवल एक मीनार नहीं बल्कि फैजाबाद और अयोध्या की साझा सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। इसका निर्माण वर्ष 1890 में नगर पालिका परिषद द्वारा कराया गया था और तब से यह लगभग 135 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर के रूप में खड़ा है। समय के साथ संरक्षण की कमी और प्रशासनिक उपेक्षा ने इस धरोहर को कई मुश्किल दौरों से गुजरने पर मजबूर किया। वर्ष 2015 में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष विजय गुप्त ने पुरानी घड़ी को बदलकर नई घड़ी लगवाई थी, लेकिन 2017 के बाद ध्यान न दिए जाने से यह भी बंद हो गई। अब नगर निगम ने इसका कायाकल्प करने का निर्णय लिया है और इस दिशा में कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
नगर निगम के उपसभापति और वार्ड पार्षद राजेश गौड़ ने चौक घंटाघर के पुनरुद्धार का प्रस्ताव महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी के समक्ष रखा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है। इसके बाद परियोजना का टेंडर भी जारी कर दिया गया है। योजना के अनुसार घंटाघर को रामपथ के भवनों की तरह एक समान रंग और रूप दिया जाएगा, ताकि पूरे क्षेत्र की छवि एकरूप और आकर्षक दिखाई दे। घंटाघर की मीनार को फिर से रंगरोगन किया जाएगा और दशकों से बंद घड़ी को बदलकर नई घड़ी लगाई जाएगी जो लोगों को समय की जानकारी दे सकेगी। इसके साथ ही आसपास की दुकानों की भी सूरत बदली जाएगी। दुकानों पर लगे बोर्ड एक जैसे डिजाइन के होंगे ताकि घंटाघर की मूल पहचान और दृश्यात्मक संतुलन बना रहे।
फसाड लाइटें लगाने की भी योजना है, जिससे शाम होते ही घंटाघर क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठेगा और ऐतिहासिक धरोहर की सुंदरता और स्पष्ट दिखाई देगी। दुकानदारों को भी इस पहल में सहयोग के लिए शामिल किया जा रहा है, क्योंकि घंटाघर की गोल परिधि में स्थित दुकानों का स्वरूप नए डिजाइन का हिस्सा बनेगा। नगर निगम का मानना है कि दुकानदारों की भागीदारी से यह क्षेत्र पहले से अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक बनेगा। अयोध्या के लोगों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय बाद चौक घंटाघर को वह महत्व और ध्यान मिल रहा है जिसका वह हकदार था। नगर निगम के अनुसार काम पूरा होने पर यह क्षेत्र फिर से अयोध्या का प्रमुख आकर्षण बनेगा और लोगों को पुराने शहर की पहचान का नया रूप देखने को मिलेगा।
अयोध्या: ऐतिहासिक चौक घंटाघर का कायाकल्प, दशकों बाद फिर बजेगी घड़ी की टिक-टिक

अयोध्या का 135 वर्षीय ऐतिहासिक चौक घंटाघर, जो शहर की पहचान है, अब कायाकल्प के लिए तैयार है; दशकों से बंद घड़ी फिर चलेगी।
Category: uttar pradesh ayodhya heritage restoration
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