अयोध्या जनपद के रौनाही थाना क्षेत्र में 08.02.2026 को एक चौंकाने वाली ठगी की घटना सामने आई, जहां थाना गेट के ठीक सामने एक व्यापारी से फर्जी पुलिसकर्मी ने ₹40,000 की ठगी कर ली। घटना के बाद आरोपी हाईवे के रास्ते अयोध्या की ओर फरार हो गया। मामला थाना परिसर के मुख्य द्वार पर होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीर चुनौती के रूप में लिया है और जांच तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार सुचित्तागंज निवासी सरसों तेल व्यापारी राधेश्याम वर्मा के पास एक व्यक्ति पहुंचा, जिसने स्वयं को पुलिसकर्मी बताया। उसने कहा कि थानाध्यक्ष के पास करीब 08 क्विंटल सरसों रखी है, जिसे बेचना है। आरोपी ने भरोसे में लेने के लिए पूरी योजना के साथ बातचीत की। उसने कांटा तराजू को ई रिक्शा पर लदवाया और खुद बाइक से व्यापारी को लेकर रौनाही थाने पहुंचा।
थाना गेट पर पहुंचने के बाद आरोपी ने सरसों की कीमत के नाम पर व्यापारी से ₹40,000 ले लिए। खुद को पुलिसकर्मी समझकर व्यापारी ने बिना किसी संदेह के रुपये दे दिए। रुपये लेने के बाद आरोपी ने कहा कि वह थाने के अंदर जाकर सरसों निकलवा रहा है और व्यापारी को गेट पर ही रुकने को कहा। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो व्यापारी को शक हुआ।
इसके बाद व्यापारी थाने के अंदर गया और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों से पूछताछ की, तब जाकर ठगी की घटना का खुलासा हुआ। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी लालचंद सरोज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी वारदात के बाद हाईवे के रास्ते अयोध्या की ओर भागा। इसी आधार पर पुलिस ने थाने के मुख्य गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों से लेकर अयोध्या मार्ग पर लगे सैकड़ों कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। जांच प्रक्रिया अभी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोपी ने पुलिसकर्मी बनकर ठगी की और वह भी थाना गेट के सामने। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के पुलिसकर्मी होने के दावे पर उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें और बिना सत्यापन किसी भी प्रकार का लेनदेन न करें।
रौनाही पुलिस का दावा है कि आरोपी की पहचान जल्द कर ली जाएगी और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
