अयोध्या के करेरू गांव में दिल दहला देने वाली घटना, पति-पत्नी विवाद में तीन मौतें
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के करेरू गांव में एक बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। पति-पत्नी के विवाद में पत्नी ने पहले पति की हत्या कर दी और उसके बाद स्वयं आत्महत्या कर ली। इस भयावह घटना के बीच उनका 22 दिन का मासूम बच्चा करीब सात घंटे तक पिता के शव के पास बिलखता रहा और अंततः उसने भी दम तोड़ दिया। इस त्रासदी ने गांव ही नहीं, पूरे क्षेत्र की संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है।
पति-पत्नी के विवाद का दुखद अंत
मृतक शिवानंद और उसकी पत्नी संजू के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, घटना वाले दिन शाम चार से पांच बजे के बीच दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इसी दौरान संजू ने कथित रूप से शिवानंद की हथौड़े से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद वह घर से निकलकर रेलवे ट्रैक पर पहुंची और ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली।
कमरे में मिला भयावह दृश्य
रात करीब साढ़े नौ बजे जब पुलिस ने शिवानंद के कमरे का दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का दृश्य बेहद भयावह था। खून से लथपथ शव कमरे में पड़ा था और उसके पास 22 दिन का मासूम बच्चा भूख-प्यास से बिलख रहा था। बच्चे के गले पर भी लाल निशान पाए गए, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि वह भी इस हिंसक घटनाक्रम की चपेट में आया था।
सात घंटे तक तड़पता रहा मासूम
जांच में सामने आया कि घटना के करीब सात से आठ घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान मासूम बच्चा अपने पिता के शव के पास ही पड़ा रहा और लगातार रोता रहा। बाद में परिजनों ने उसे दूध पिलाने की कोशिश की, लेकिन अत्यधिक कष्ट और देखभाल के अभाव के चलते शुक्रवार सुबह उसकी भी मौत हो गई।
परिवार को नहीं था अंदाजा
बताया जा रहा है कि शिवानंद और उसके भाई एक ही परिसर में अलग-अलग रहते थे। अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहता था, इसलिए उस दिन भी किसी ने विशेष ध्यान नहीं दिया। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि बंद कमरे में इतनी बड़ी वारदात हो रही है।
दहेज हत्या का मामला दर्ज
मृतका संजू की मां सुमित्रा ने इस मामले में दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप में मृतक शिवानंद, उसके भाई अवधेश और सदानंद समेत परिवार के अन्य सदस्यों के नाम शामिल हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी को पिछले एक साल से दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
सुसाइड नोट और फोरेंसिक जांच
पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी जांच कराई जा रही है। नोट की हैंडराइटिंग का मिलान संजू की लिखावट से कराया जाएगा। इसके साथ ही मौके से जुटाए गए साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच भी की जा रही है, जिससे घटना की सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मासूम बच्चे की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहन जांच कर रही है।
समाज को झकझोर देने वाली घटना
यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है। घरेलू विवाद और दहेज जैसी समस्याएं किस हद तक भयावह रूप ले सकती हैं, इसका यह एक दुखद उदाहरण है। सबसे अधिक पीड़ादायक उस मासूम की मौत है, जिसने दुनिया में कदम रखते ही इतनी बड़ी त्रासदी का सामना किया।
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