अयोध्या: फर्जी STF-SOG बनकर लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत दो गिरफ्तार

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Dilip Kumar
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अयोध्या पुलिस ने फर्जी STF और SOG बनकर लूट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना सहित दो को गिरफ्तार किया।

अयोध्या पुलिस ने फर्जी एसटीएफ और एसओजी बनकर लूट करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, सरगना समेत दो गिरफ्तार

अयोध्या पुलिस ने फर्जी एसटीएफ और एसओजी टीम बनाकर राहगीरों को निशाना बनाने वाले कुख्यात गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह का संचालन अमेठी जिले के मुसाफिरखाना पिंडासा निवासी महेश सिंह कर रहा था, जिस पर विभिन्न जिलों में 26 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने महेश सिंह और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

27 जनवरी को औद्योगिक क्षेत्र में हुई थी वारदात

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने रविवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया कि 27 जनवरी को रामनगरी के औद्योगिक क्षेत्र में एक व्यक्ति को बंधक बनाकर लूटपाट की गई थी। सआदतगंज के शांतिनगर कालोनी निवासी उमेश मिश्र ने इस संबंध में कैंट थाना में मुकदमा दर्ज कराया था।

उमेश मिश्र को उनकी ही कार में बंधक बनाकर अगवा किया गया था। गिरोह ने उनसे सोने की चेन और नकद राशि लूट ली। इसके बाद उन्हें बस्ती जिले के लोलपुर क्षेत्र में हाईवे किनारे कार सहित छोड़ दिया गया।

सरगना पर 26 मुकदमे, गैंगेस्टर और गुंडा एक्ट भी दर्ज

पुलिस के अनुसार महेश सिंह पर अमेठी, सुलतानपुर, बाराबंकी सहित अन्य जिलों में कुल 26 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ तीन गैंगेस्टर एक्ट और दो गुंडा एक्ट के मामले भी दर्ज हैं। इस गिरोह में कुल सात बदमाश शामिल बताए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में महेश सिंह और उसका सहयोगी बस्ती जिले के छावनी रामगढ़ निवासी सौरभ पांडेय शामिल हैं।

अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी

शेष वांछित आरोपियों में बस्ती जिले के छावनी बदली निवासी अनुज प्रताप सिंह उर्फ मुरारी, परसुरामपुर निवासी राजकुमार यादव, हरैया बांसगांव निवासी विनोद वर्मा तथा राम जनम उर्फ सोनू चौधरी शामिल हैं। गिरोह का एक अन्य सदस्य आदित्य चौधरी निवासी देवकाली रानी थाना छावनी जनपद बस्ती वर्तमान में बस्ती जेल में बंद है।

फर्जी पुलिस बनकर करते थे वारदात

एसएसपी के अनुसार यह गिरोह कार से घूमता रहता था और हाईवे या सुनसान स्थानों पर मौजूद लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी खुद को एसटीएफ या एसओजी टीम का सदस्य बताकर लोगों को रोकते थे। इसके बाद उन्हें धमकाकर लूटपाट करते थे। कई मामलों में वे भुक्तभोगियों के परिचितों से भी फर्जी कार्रवाई का भय दिखाकर रुपये वसूलते थे।

संयुक्त कार्रवाई में हुई गिरफ्तारी

कैंट थाना प्रभारी संदीप सिंह और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने बताया कि गिरोह के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अयोध्या पुलिस की इस कार्रवाई को फर्जी पुलिस बनकर अपराध करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और आमजन को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।