बलिया: ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ में हत्या के प्रयास के दोषी को 10 साल सश्रम कारावास

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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बलिया में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत हत्या के प्रयास मामले में सजा सुनाई गई।

बलिया: ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत हत्या के प्रयास के आरोपी को 10 वर्ष सश्रम कारावास, 15 हजार रुपये अर्थदंड

बलिया, 16 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक, लखनऊ द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “OPERATION CONVICTION” के अंतर्गत बलिया पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस अधीक्षक बलिया श्री ओमवीर सिंह के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप हत्या के प्रयास के एक पुराने मामले में अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई है।

दिनांक 16.02.2026 को थाना बांसडीह पर पंजीकृत मु0अ0सं0-105/2006, धारा 307, 324, 336, 504, 506 भारतीय दंड संहिता के मामले में मा0 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट सं0 04, जनपद बलिया द्वारा अभियुक्त शैलेश पुत्र केदार पटेल निवासी खादीपुर मल्लाहीचक थाना बांसडीह जनपद बलिया को विभिन्न धाराओं में दोषसिद्ध पाया गया।

धारा 307 भादवि में 10 वर्ष सश्रम कारावास

न्यायालय ने धारा 307 भादवि (हत्या के प्रयास) में अभियुक्त को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त 06 माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

अन्य धाराओं में भी सजा

  • धारा 324 भादवि: 02 वर्ष सश्रम कारावास व 2,000 रुपये अर्थदंड। अर्थदंड न देने पर 01 माह का अतिरिक्त कारावास।
  • धारा 336 भादवि: 01 माह का कारावास।
  • धारा 504 भादवि: 01 वर्ष सश्रम कारावास व 1,000 रुपये अर्थदंड। अर्थदंड न देने पर 01 सप्ताह का अतिरिक्त कारावास।
  • धारा 506 भादवि: 02 वर्ष सश्रम कारावास व 2,000 रुपये अर्थदंड। अर्थदंड न देने पर 02 सप्ताह का अतिरिक्त कारावास।

सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कुल मिलाकर न्यायालय ने अभियुक्त पर 15,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।

घटना का संक्षिप्त विवरण

मूल वादी द्वारा थाना बांसडीह में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया गया था कि अभियुक्त शैलेश उसके घर पहुंचा और जान से मारने की नीयत से कट्टे से फायरिंग की। फायरिंग में वादी और उसकी बहन को गोली के छर्रे लगने से चोटें आईं। घटना के बाद थाना बांसडीह पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।

मामला वर्ष 2006 का था, लेकिन सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने प्रभावी तरीके से न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा।

अभियोजन की प्रभावी पैरवी

इस प्रकरण में अभियोजन अधिकारी श्री संदीप तिवारी द्वारा न्यायालय में सशक्त पैरवी की गई। मॉनिटरिंग सेल द्वारा लगातार केस की प्रगति पर नजर रखी गई, जिससे साक्ष्यों की प्रस्तुति और गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सकी।

‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ का उद्देश्य

“OPERATION CONVICTION” अभियान का उद्देश्य गंभीर अपराधों में त्वरित और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना है। इसके तहत लंबित मामलों की मॉनिटरिंग कर साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को सजा दिलाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बलिया पुलिस द्वारा प्राप्त यह सफलता इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस अधीक्षक बलिया ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है।