बांका में दो मिनी गन फैक्ट्रियों का भंडाफोड़, STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक गिरफ्तार, दूसरा फरार
बिहार के बांका जिले में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसटीएफ आर्म्स सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर मिनी गन फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया। पुलिस ने भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।
धोरैया के सरबा गांव में पहली कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पहली छापेमारी धोरैया प्रखंड के सरबा गांव में की गई, जहां एसटीएफ आर्म्स सेल की टीम ने बोधनारायण मंडल को गिरफ्तार किया। बौंसी के एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि यह कार्रवाई बांका के पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर गठित विशेष टीम द्वारा की गई।
बुधवार को पुलिस टीम ने बोधनारायण मंडल के घर दबिश दी, जहां से अवैध हथियार निर्माण से जुड़े कई अहम साक्ष्य बरामद हुए। मौके से दो अर्धनिर्मित पिस्टल, दो बैरल, एक स्लाइड, तीन बट के हिस्से, एक अर्धनिर्मित बॉडी और सात जिंदा कारतूस (एचपीएम 32 अंकित) बरामद किए गए।
हथियार बनाने के उपकरण भी जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस को पिस्टल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी मिले। इनमें फार्मा, गुनिया, लोहे का सिंकजा, लेंथ मशीन का हिस्सा, ड्रिल मशीन और बीट शामिल हैं। पुलिस ने सभी बरामद सामान को जब्त कर लिया है।
एसडीपीओ के अनुसार, बोधनारायण मंडल का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह लंबे समय से अपने घर में ही अवैध हथियार बनाने का काम कर रहा था। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में बांका भेज दिया गया है।
दूसरी छापेमारी में छोटू यादव फरार
पहली गिरफ्तारी के बाद मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दूसरी छापेमारी पंजवारा थाना क्षेत्र के रामकोल गांव में की। यहां आरोपी छोटू यादव उर्फ अभिनंदन दास के घर दबिश दी गई, लेकिन वह मौके से फरार हो गया।
हालांकि, पुलिस ने वहां से चार अर्धनिर्मित देसी पिस्टल, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, बिजली मोटर, रेंच, पिलाश, साउंड सिस्टम और पंखा बरामद किया है। पुलिस का मानना है कि इस स्थान पर भी बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा था।
आरोपियों का पूरा विवरण
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बोधनारायण मंडल के रूप में हुई है, जो धोरैया प्रखंड के सरबा गांव का निवासी है। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से अवैध हथियार निर्माण के धंधे में सक्रिय था और स्थानीय स्तर पर हथियारों की सप्लाई करता था।
दूसरे मामले में फरार आरोपी छोटू यादव उर्फ अभिनंदन दास है, जो पंजवारा थाना क्षेत्र के रामकोल गांव का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
बरामदगी का पूरा विवरण
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में कुल छह अर्धनिर्मित पिस्टल, सात जिंदा कारतूस, कई बैरल, स्लाइड, बट के हिस्से और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। यह बरामदगी इस बात का संकेत है कि इलाके में अवैध हथियारों का संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
छापेमारी टीम और कार्रवाई का विवरण
इस पूरी कार्रवाई में धोरैया थानाध्यक्ष अमित कुमार, एसआई आसिफ अख्तर, पंजवारा थानाध्यक्ष चंदन कुमार, जेएसआई सुनील कुमार तिवारी, सतीश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही। एसटीएफ आर्म्स सेल की टीम भी इस ऑपरेशन में शामिल रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों में अलग-अलग केस दर्ज कर लिए गए हैं और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही इस अवैध हथियार नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अवैध हथियार नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
इस कार्रवाई को बांका जिले में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के खुलासे से क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इन हथियारों की सप्लाई किन-किन जिलों और राज्यों में की जा रही थी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।
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