- बरसाना में लठामार होली की तैयारियां तेज, अतिक्रमण हटाने का अभियान और सुरक्षा व्यवस्था अंतिम चरण में
- अतिक्रमण हटाने के दौरान कई विभाग रहे मौजूद
- 25 फरवरी को होगा लठामार रंगीली होली का आयोजन
- स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर मांगे गए सुझाव
- महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
- बेरिकेडिंग को लेकर उठी आपत्ति
- व्यापक तैयारी के बीच प्रशासन सतर्क
बरसाना में लठामार होली की तैयारियां तेज, अतिक्रमण हटाने का अभियान और सुरक्षा व्यवस्था अंतिम चरण में
मथुरा जनपद के बरसाना में विश्वविख्यात लठामार होली के आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। 25 फरवरी को होने वाले इस पारंपरिक आयोजन से पहले उपजिलाधिकारी गोवर्धन प्रजाक्ता त्रिपाठी के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया। गोवर्धन ड्रेन, नया बस स्टैंड तथा बरसाना देहात क्षेत्र में सड़क और सार्वजनिक स्थानों से अस्थायी निर्माण तथा टिनशेड हटाए गए। अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में खलबली मच गई और कई लोगों ने अपने स्तर पर भी अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया।
अतिक्रमण हटाने के दौरान कई विभाग रहे मौजूद
अभियान के दौरान क्षेत्राधिकारी गोवर्धन अनिल कुमार सिंह, अधिशाषी अधिकारी डॉक्टर कल्पना वाजपेयी, प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार और उपनिरीक्षक गौरव तोमर सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि लठामार होली के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक बरसाना पहुंचते हैं, ऐसे में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुचारु रखने के लिए सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त करना आवश्यक है।
25 फरवरी को होगा लठामार रंगीली होली का आयोजन
राधा कृष्ण के प्रेम अनुराग में रंगी लठामार रंगीली होली का आयोजन 25 फरवरी को प्रस्तावित है। इस आयोजन में देश विदेश से श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा, सफाई, पेयजल और यातायात व्यवस्था को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है।
स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर मांगे गए सुझाव
सोमवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में उपजिलाधिकारी प्रजाक्ता त्रिपाठी और क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार सिंह ने स्थानीय नागरिकों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में स्थानीय लोगों ने मेले के दौरान होने वाली संभावित समस्याओं की जानकारी दी। उपजिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और स्थानीय निवासियों को अनावश्यक असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
क्षेत्राधिकारी ने कहा कि मेले के दौरान आने वाली महिला श्रद्धालुओं के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। मेले का कंट्रोल रूम लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में स्थापित किया जाएगा, जहां से सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी।
बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग और नगर पंचायत के प्रतिनिधियों से भी कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी अधूरे कार्य समय से पूरे किए जाएं, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
बेरिकेडिंग को लेकर उठी आपत्ति
हर वर्ष लठामार होली के दौरान कस्बे की गलियों में सुरक्षा कारणों से पुलिस प्रशासन द्वारा बेरिकेडिंग की जाती है। इस बार भी इस व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी ने कहा कि गलियों में पूरी तरह बेरिकेडिंग कर देने से स्थानीय लोग अपने ही घरों में सीमित हो जाते हैं और आपात स्थिति में जोखिम बढ़ सकता है।
सेवायत किशोरी श्याम गोस्वामी ने भी कहा कि व्यवस्था के नाम पर गलियों को बंद कर देना उचित नहीं है। उनका सुझाव था कि सुरक्षा और स्थानीय लोगों की सुविधा के बीच संतुलन बनाया जाए। प्रशासन ने इन सुझावों पर विचार करने की बात कही है।
व्यापक तैयारी के बीच प्रशासन सतर्क
बरसाना की लठामार होली धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं। इसी कारण प्रशासन किसी भी प्रकार की चूक से बचने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां कर रहा है। अतिक्रमण हटाने से लेकर सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था तक सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। स्थानीय लोगों के सहयोग से इस वर्ष भी लठामार होली को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने का प्रयास किया जा रहा है।
