महाशिवरात्रि 2026: वाराणसी में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां

By
Dilip Kumar
Dilip Kumar is the Associate Editor at News Report, a registered Hindi newspaper committed to ethical, factual, and responsible journalism. He plays a key role in...
6 Min Read
महाशिवरात्रि 2026 से पूर्व वाराणसी के मार्कण्डेय महादेव मंदिर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण

महाशिवरात्रि पर्व 2026 के अवसर पर जनपद वाराणसी में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए आज दिनांक 09-02-2026 को अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी तथा जिलाधिकारी जनपद वाराणसी श्री सत्येन्द्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी घाट एवं उससे संबद्ध मार्गों का विस्तृत निरीक्षण एवं भ्रमण किया गया। इस संयुक्त निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य महाशिवरात्रि पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा किसी भी संभावित आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु की गई तैयारियों की गहन समीक्षा करना था।

निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर के भीतर एवं बाहर दर्शन पथ, प्रवेश एवं निकास मार्गों की स्थिति, बैरिकेडिंग व्यवस्था, श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन, घाट क्षेत्र की सुरक्षा, पार्किंग स्थलों की उपलब्धता, यातायात डायवर्जन व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, कंट्रोल रूम की स्थिति, जल पुलिस की तैनाती, नाव संचालन, चिकित्सा सहायता केंद्र एवं अग्निशमन सेवाओं की तैयारियों का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा मौके पर उपस्थित पुलिसकर्मियों एवं प्रशासनिक कर्मचारियों से संवाद कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया गया।

निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट, कठोर एवं समयबद्ध निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने निर्देशित किया कि महाशिवरात्रि पर्व के दौरान मंदिर एवं घाट क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी एवं महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। सभी ड्यूटी पॉइंट्स पर अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर सतत निगरानी करेंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों एवं अफवाह फैलाने वालों पर विशेष नजर रखते हुए उनके विरुद्ध तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

भीड़ प्रबंधन एवं दर्शन व्यवस्था को लेकर निर्देश दिया गया कि मंदिर परिसर में वन वे दर्शन प्रणाली को सख्ती से लागू किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं का प्रवेश एवं निकास सुचारू रूप से हो सके। बैरिकेडिंग इस प्रकार की जाए कि किसी भी स्थिति में भीड़ का दबाव एक स्थान पर एकत्र न हो। बुजुर्ग, दिव्यांग एवं महिला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनके लिए पृथक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

यातायात व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पर्व अवधि के दौरान पूर्व निर्धारित यातायात डायवर्जन योजना को पूर्ण सख्ती के साथ लागू किया जाए। अवैध पार्किंग, सड़क किनारे ठेले तथा अस्थायी अतिक्रमण को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। सभी पार्किंग स्थलों का स्पष्ट चिन्हांकन कर आमजन को समय रहते अवगत कराया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

कैथी घाट एवं जल सुरक्षा को लेकर अपर पुलिस आयुक्त महोदय ने निर्देश दिया कि घाट क्षेत्र में जल पुलिस, प्रशिक्षित गोताखोर, रेस्क्यू बोट एवं लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नाव संचालन को पूर्णतः नियंत्रित रखा जाए तथा क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने पर कठोर कार्रवाई की जाए। घाट क्षेत्र में निरंतर पेट्रोलिंग कर किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जाए।

निगरानी एवं तकनीकी व्यवस्था के अंतर्गत मंदिर एवं घाट क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी कैमरे एवं कंट्रोल रूम पर्व से पूर्व पूरी तरह क्रियाशील अवस्था में हों।

आपात, स्वास्थ्य एवं नागरिक सुविधाओं के संबंध में स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, विद्युत विभाग एवं नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित कर एम्बुलेंस, फायर टेंडर, प्राथमिक चिकित्सा, प्रकाश एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दल तत्काल सक्रिय रहेगा।

निरीक्षण एवं भ्रमण के उपरांत अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय तथा जिलाधिकारी महोदय द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, मार्कण्डेय महादेव मंदिर के पुजारियों, मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों एवं अन्य संभ्रांत व्यक्तियों के साथ विस्तृत बैठक कर विचार विमर्श किया गया। बैठक के दौरान दर्शन व्यवस्था, पूजन विधि, भीड़ के दबाव के समय अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, आपात स्थिति में त्वरित सूचना प्रणाली तथा प्रशासन एवं मंदिर प्रबंधन के मध्य समन्वय से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

गणमान्य व्यक्तियों एवं पुजारियों द्वारा महाशिवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित संख्या, परंपरागत धार्मिक प्रक्रियाओं एवं स्थानीय व्यावहारिक समस्याओं के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिन पर प्रशासन द्वारा गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए उन्हें जनहित में अपनाने का आश्वासन दिया गया। अपर पुलिस आयुक्त महोदय ने स्पष्ट किया कि महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं मर्यादित वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन, मंदिर प्रबंधन एवं जनसामान्य की साझा जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन श्री प्रमोद कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्री नितिन सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त सारनाथ विदूष सक्सेना सहित संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, एनडीआरएफ तथा अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।