वसंत पंचमी 2026: 23 जनवरी को क्यों पहनते हैं पीला रंग? जानें धार्मिक, वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक कारण

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मैं मृदुल कुमार तिवारी (आकाश), एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हूं, जो वर्तमान में 'न्यूज़ रिपोर्ट' के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के...
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23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा में पीला रंग शुभ माना जाता है।

वसंत पंचमी का पर्व भारत में ज्ञान भक्ति और प्रकृति के उल्लास का प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष वसंत पंचमी 23 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन ज्ञान और संगीत की देवी सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है और घरों मंदिरों तथा शिक्षण संस्थानों में पीले रंग की सजावट दिखाई देती है। पूजा के दौरान देवी सरस्वती को पीले रंग के भोग अर्पित किए जाते हैं और श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। वसंत पंचमी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है बल्कि यह जीवन में सकारात्मकता और नए आरंभ का भी संदेश देता है।

वसंत पंचमी पर पीले रंग को विशेष महत्व दिया जाता है क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीला रंग देवी सरस्वती को अत्यंत प्रिय है। यह रंग ज्ञान बुद्धि और विवेक का प्रतीक माना जाता है। हिंदू धर्म में पीले रंग को शुद्धता सुख और समृद्धि से जोड़ा गया है। यही कारण है कि इस दिन लोग पीले वस्त्र पहनते हैं पीले फूल चढ़ाते हैं और पीले रंग की मिठाइयों का भोग लगाते हैं। कई स्थानों पर लोग पीली वस्तुओं का दान भी करते हैं जिसे शुभ फलदायी माना जाता है।

यह पर्व प्रकृति में हो रहे बदलाव का भी संकेत देता है। कड़ाके की ठंड के बाद जब मौसम में हल्की गर्माहट आने लगती है और सूर्य की किरणें धरती को नई ऊर्जा देती हैं तब वसंत ऋतु का आगमन होता है। इसी समय खेतों में सरसों की फसल खिल उठती है और चारों ओर पीले फूलों की चादर बिछ जाती है। प्रकृति के इसी सुंदर स्वरूप के साथ सामंजस्य स्थापित करने और ऋतु परिवर्तन का स्वागत करने के लिए वसंत पंचमी पर पीला रंग अपनाया जाता है।

मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी पीले रंग का विशेष महत्व है। यह रंग मस्तिष्क को सक्रिय करता है और मन में खुशी उत्साह तथा आत्मविश्वास का संचार करता है। पीला रंग सूर्य के प्रकाश से जुड़ा हुआ है जो ऊर्जा आशा और सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए लोग वसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र पहनकर अपने जीवन में सुख शांति और प्रगति की कामना करते हैं।

भारतीय संस्कृति में पीला रंग सदियों से शुभ माना गया है। किसी भी मांगलिक कार्य में पीले रंग का प्रयोग सौभाग्य और समृद्धि का संकेत माना जाता है। वसंत पंचमी पर पीला पहनना आने वाले समय के लिए खुशहाली और उन्नति की कामना का प्रतीक है। इस प्रकार वसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति धर्म और मनुष्य के जीवन के बीच संतुलन और आशा का संदेश देने वाला अवसर है।

मैं मृदुल कुमार तिवारी (आकाश), एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हूं, जो वर्तमान में 'न्यूज़ रिपोर्ट' के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरी यात्रा पिछले 12 वर्षों से जारी है, जहां मैंने सच्चाई, पारदर्शिता और निष्पक्षता को अपनी पत्रकारिता का मूल आधार बनाया है। मेरे कार्य की विशेषता केवल समाचारों की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि समसामयिक घटनाओं का गहन विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों की संवेदनशील प्रस्तुति भी उसमें शामिल है। मैंने हमेशा तथ्यों की गहराई में जाकर, बिना किसी पूर्वाग्रह के समाचारों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, जिससे पाठकों को न केवल जानकारी मिले, बल्कि वे जागरूकता और जिम्मेदारी की ओर प्रेरित भी हों। न्यूज़ रिपोर्ट के संपादकीय नेतृत्व में, मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि पत्रकारिता के उच्चतम नैतिक मानकों को स्थापित किया जाए। मेरी पूरी टीम के साथ मिलकर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि 'न्यूज़ रिपोर्ट' सिर्फ एक न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार सामाजिक आवाज़ बनकर उभरे।