बैतूल तिहरा हत्याकांड: युवक ने माता-पिता और भाई को उतारा मौत के घाट, मानसिक स्थिति पर सवाल

By
Mridul Kumar Tiwari
Mridul Kumar Tiwari is the Editor-in-Chief of News Report, a registered Hindi newspaper dedicated to credible, independent, and public-interest journalism. He oversees editorial operations, newsroom standards,...
5 Min Read
बैतूल में तिहरे हत्याकांड के आरोपी दीपक धुर्वे को पुलिस हिरासत में लेकर जा रही है।

बैतूल के सावंगा गांव में तिहरा हत्याकांड, युवक ने माता-पिता और भाई की ली जान

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सावंगा में बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात 25 वर्षीय युवक दीपक धुर्वे ने कथित रूप से अपने माता-पिता और छोटे भाई की लाठी और लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी घर के भीतर ही शवों के पास बैठा रहा। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।

दोपहर तक नहीं खुला दरवाजा, तब हुआ शक

ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार दोपहर तक घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को संदेह हुआ। काफी आवाज लगाने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद लोगों ने खिड़की से झांककर देखा तो घर के भीतर भयावह दृश्य दिखाई दिया। दीपक अंदर बैठा था और पास ही उसके माता-पिता के शव पड़े थे।

तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घर को घेर लिया। आरोपी को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया।

तीनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान

थाना प्रभारी देवकरण डहेरिया ने बताया कि मौके पर 55 वर्षीय राजू उर्फ हंसू धुर्वे, 45 वर्षीय कमलती धुर्वे और 23 वर्षीय दिलीप धुर्वे मृत अवस्था में मिले। तीनों के शरीर पर लाठी और लोहे की रॉड से हमले के गंभीर निशान पाए गए हैं।

पुलिस के अनुसार घटनास्थल के कमरे में सामान बिखरा हुआ मिला और संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले। फर्श और दीवारों पर खून के छींटे पाए गए, जिससे अंदेशा है कि घटना के दौरान काफी देर तक हिंसक झड़प हुई।

पांच वर्षीय भांजे पर भी हमले की कोशिश

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी ने घर में मौजूद अपने पांच वर्षीय भांजे पर भी हमला करने की कोशिश की। हालांकि वह बच्चा सुरक्षित है और उसे तत्काल परिजनों की देखरेख में रखा गया है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि घटना के समय घर में और कौन-कौन मौजूद था।

मानसिक स्थिति को लेकर उठे सवाल

ग्रामीणों और पुलिस सूत्रों के अनुसार दीपक धुर्वे पिछले चार से पांच वर्षों से मानसिक अस्थिरता से जूझ रहा था। उसका इलाज नागपुर के एक अस्पताल में चल रहा था। बताया जा रहा है कि कुछ समय से उसकी तबीयत में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था।

ग्रामीणों का कहना है कि दीपक पढ़ाई में मेधावी था और उसने सीआरपीएफ भर्ती परीक्षा भी दी थी। हालांकि हाल के वर्षों में उसका व्यवहार बदल गया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि घटना के पीछे अचानक भड़की मानसिक स्थिति थी या कोई अन्य कारण।

फोरेंसिक टीम जुटा रही साक्ष्य

घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिससे मृत्यु का सटीक कारण और समय स्पष्ट हो सके।

पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसकी मानसिक स्थिति का परीक्षण भी कराया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

गांव में दहशत और शोक

इस तिहरे हत्याकांड से सावंगा गांव में दहशत और शोक का माहौल है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या से ग्रामीण स्तब्ध हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।