- मऊगंज में अंधे कत्ल का खुलासा, दगडवा हत्याकांड का आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार, इंदौर हत्या की भी कबूला वारदात
- 30 दिसंबर को मिला था युवक का शव
- पत्नी और प्रेमी पर साजिश का आरोप
- दिल्ली से हुई गिरफ्तारी
- इंदौर में रिटायर्ड फौजी की हत्या का खुलासा
- प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
- अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और तलाश
- पुलिस की आगे की कार्रवाई
मऊगंज में अंधे कत्ल का खुलासा, दगडवा हत्याकांड का आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार, इंदौर हत्या की भी कबूला वारदात
मऊगंज पुलिस ने सड़क किनारे मिले युवक के अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का खुलासा किया है। दगडवा हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी शिवम द्विवेदी उर्फ बाबा पंडित को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने न केवल मऊगंज जिले में हुई हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की, बल्कि इंदौर में एक रिटायर्ड फौजी की हत्या और लूट की वारदात भी कबूल की है।
30 दिसंबर को मिला था युवक का शव
घटना पिछले वर्ष 30 दिसंबर की है, जब मऊगंज जिले के डगडोआ क्षेत्र में सड़क किनारे एक युवक का शव मिला था। मृतक की पहचान सतना निवासी सुधीर दाहिया के रूप में हुई थी। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। बाद में पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी।
पत्नी और प्रेमी पर साजिश का आरोप
पुलिस के अनुसार मृतक की पत्नी कंचन दाहिया ने अपने कथित प्रेमी दिनेश पटेल उर्फ गबरू के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। योजना के तहत सुधीर को शराब पिलाने के बहाने बुलाया गया। इसके बाद नेशनल हाईवे 135 के पास उसकी हत्या कर शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया। इस वारदात में दिनेश पटेल के साथ शिवम द्विवेदी भी शामिल था।
दिल्ली से हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद से फरार चल रहे शिवम द्विवेदी निवासी प्रयागराज को साइबर सेल की मदद से ट्रेस कर दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर उसे पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
इंदौर में रिटायर्ड फौजी की हत्या का खुलासा
पूछताछ के दौरान शिवम ने बताया कि अक्टूबर माह में इंदौर के किशनगंज थाना क्षेत्र में राऊ हाईवे टोल के पास रिटायर्ड फौजी अनिल नेगी की हत्या भी उसी ने की थी। आरोप है कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जलाया गया और वहां से बाइक लूटकर फरार हो गए। बाद में लूटी गई बाइक एक महिला आरोपी संजना सिंह के घर से बरामद की गई थी, हालांकि उसके इंजन और चेसिस नंबर मिटाए जा चुके थे।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि इंदौर हत्याकांड के पीछे प्रेम प्रसंग का विवाद था। शिवम को संदेह था कि रिटायर्ड फौजी उसकी परिचित एक युवती पर नजर रखते हैं। इसी रंजिश के चलते उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या अन्य लोग भी इस साजिश में शामिल थे।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और तलाश
मऊगंज हत्याकांड में मृतक की पत्नी कंचन दाहिया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी को पनाह देने के आरोप में संजना सिंह को भी हिरासत में लिया गया है। वहीं मुख्य आरोपी दिनेश पटेल अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसकी गिरफ्तारी पर इनाम की घोषणा की गई है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों हत्याकांडों से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र कर आगे की विवेचना की जा रही है। तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीम लगाई गई है। इस कार्रवाई से न केवल अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी है, बल्कि एक पुराने चर्चित हत्याकांड पर भी से पर्दा उठा है।
