कोडीनयुक्त कफ सीरप की तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं। इसी कड़ी में सरगना शुभम जायसवाल के करीबी और गायघाट निवासी राहुल यादव को बुधवार को कोतवाली पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की। करीब आठ घंटे तक चली पूछताछ में राहुल यादव ने तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे किए, जिससे पुलिस की जांच को नई दिशा मिली है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान राहुल यादव ने स्वीकार किया कि वह श्रीबालाजी मेडिकल नाम से एक फर्म संचालित करता था। इसी फर्म के जरिए वह मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के साथ मिलकर कोडीनयुक्त कफ सीरप की अवैध तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल था। जांच में सामने आया है कि राहुल ने अपनी फर्म से जुड़े ई-वे बिल, जीएसटी इनवाइस और अन्य महत्वपूर्ण व्यावसायिक दस्तावेज आरोपी विशाल मल्होत्रा को उपलब्ध कराए थे, जिनका इस्तेमाल तस्करी को वैध दिखाने के लिए किया जाता था।
विशाल मल्होत्रा भी गायघाट का ही निवासी है और फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा है। पुलिस ने कस्टडी रिमांड के दौरान विशाल मल्होत्रा के घर पर भी दबिश देकर वहां से तस्करी से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि कफ सीरप की आपूर्ति और परिवहन एक संगठित तरीके से किया जा रहा था, जिसमें फर्जी कागजातों का सहारा लिया जाता था।
राहुल यादव से पूछताछ में यह भी सामने आया कि तस्करी का नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार अन्य जिलों और राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं। पुलिस को दिए गए दस्तावेजों और बयानों के आधार पर अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
कोतवाली पुलिस ने कस्टडी रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद राहुल यादव को शाम के समय जिला जेल भेज दिया। उल्लेखनीय है कि कफ सीरप तस्करी मामले में राहुल यादव को पुलिस ने इससे पहले 12 जनवरी को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से लगातार उससे जुड़े सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।
पुलिस का कहना है कि कोडीनयुक्त कफ सीरप की अवैध तस्करी युवाओं को नशे की लत की ओर धकेलने के साथ-साथ समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही है। बरामद दस्तावेजों और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
कोतवाली पुलिस ने साफ किया है कि इस मामले में फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही पूरे तस्करी गिरोह का खुलासा किया जाएगा।
