दिल्ली जल बोर्ड में अनियमितताओं पर जल मंत्री प्रवेश वर्मा सख्त, 4 अधिकारी निलंबित

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पानी आपूर्ति और बिलिंग शिकायतों पर दिल्ली जल बोर्ड के जोनल कार्यालयों में औचक निरीक्षण करते जल मंत्री प्रवेश वर्मा।

दिल्ली जल बोर्ड में पानी आपूर्ति और बिलिंग से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने गुरुवार को कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक नगर स्थित जोनल कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर तीन जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सब ऑफिसर को निलंबित करने के आदेश दिए गए।

शिकायतों में सामने आया था कि कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बाधित है और कहीं दूषित पानी की समस्या बनी हुई है। इसके साथ ही समय पर और सही पानी के बिल जारी न होने से उपभोक्ता बकाया बिलों पर लागू 100 प्रतिशत जुर्माना माफी योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इस योजना की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित है, लेकिन गलत बिलों के कारण बड़ी संख्या में लोग इससे वंचित रह गए।

औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कार्यालयों में उपस्थिति रजिस्टर और शिकायत रजिस्टर की जांच की। उन्होंने विभागीय मानकों के अनुपालन का आकलन किया और अपनी शिकायत लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं से सीधे बातचीत की। लोगों ने बताया कि कई बार कार्यालय जाने के बावजूद अधिकारी मौजूद नहीं मिलते और समस्याओं का समाधान नहीं होता।

इन तथ्यों के सामने आने के बाद मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जवाबदेही तय की जाए और सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार जन-केंद्रित शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी कार्यालयों का उद्देश्य अनुशासन, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ जनता की सेवा करना है।

जल मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि कर्तव्य या निगरानी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र में बेहतर सेवा देने के लिए उत्तरदायी है और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं होगा।