जेल में बंद हेरोइन आरोपी राधेश्याम यादव की मौत, स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

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Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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जेल में बंद राधेश्याम यादव की मौत के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल

हेरोइन बिक्री के आरोप में लगभग एक माह पूर्व गिरफ्तार किए गए नगर के उरमौरा मोहल्ला निवासी 26 वर्षीय राधेश्याम यादव की बुधवार रात जिला कारागार में अचानक तबीयत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने स्थिति गंभीर देखते हुए उसे तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना से जेल प्रशासन के साथ साथ स्थानीय पुलिस व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार पुलिस ने राधेश्याम यादव और उसकी मां पानपत्ती देवी को 05 जनवरी को 20.70 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। उसी दिन से राधेश्याम को जिला कारागार गुरमा में निरुद्ध किया गया था। जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्रा के अनुसार, 08 जनवरी को राधेश्याम का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया था, जिसमें वह एचआईवी पॉजिटिव पाया गया। बताया गया कि राधेश्याम नशे का आदी था और इंजेक्शन के माध्यम से ड्रग्स का सेवन करता था, जिससे उसकी सेहत पहले से ही कमजोर थी।

बुधवार रात अचानक उसकी हालत बिगड़ने के बाद जेल प्रशासन ने बिना देरी किए उसे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। यह जांच का विषय बना हुआ है कि राधेश्याम की स्वास्थ्य स्थिति जेल में रहने के दौरान बिगड़ी या वह पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित था।

इस मामले को और जटिल बनाता यह तथ्य है कि राधेश्याम की मां पानपत्ती देवी और उसका भाई भी हेरोइन बिक्री के मामले में जेल में निरुद्ध हैं। पूरे परिवार के जेल में होने से यह मामला सामाजिक और मानवीय दृष्टि से भी संवेदनशील बन गया है।

घटना के बाद जेल में बंद कैदियों की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। राधेश्याम की मौत ने यह बहस तेज कर दी है कि जेलों में बंदियों की नियमित मेडिकल जांच, इलाज और निगरानी कितनी प्रभावी है। स्थानीय लोगों और मानवाधिकार संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जेल में बंद कैदियों के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

जेल प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

राधेश्याम की मौत से उसके परिवार में शोक की लहर है। उसकी मां पानपत्ती देवी का कहना है कि उन्होंने बेटे को नशे से बाहर निकालने की कोशिश की थी, लेकिन वह लत का शिकार हो गया। अब बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। पुलिस और जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया और जांच जारी है।

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Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order, public administration, and social issues. With a strong focus on factual accuracy and public interest journalism, he contributes investigative and field-based stories from across Uttar Pradesh.