बल्लभगढ़ के श्री जगन्नाथ मंदिर में नियंत्रण को लेकर विवाद, दो पक्षों में झड़प, एक घायल
हरियाणा के बल्लभगढ़ स्थित सेक्टर-15ए में श्री जगन्नाथ मंदिर के नियंत्रण को लेकर रविवार सुबह दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह झगड़ा श्री जगन्नाथ कल्चरल सेंटर और कलिंगा संस्कृतिक परिषद के पदाधिकारियों के बीच हुआ, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। घायल को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंदिर पर अधिकार को लेकर आमने-सामने आए दो पक्ष
जानकारी के अनुसार, शहर की प्रमुख धार्मिक संस्था श्री जगन्नाथ कल्चरल सेंटर के अधीन संचालित मंदिर पर अधिकार को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार सुबह यह विवाद अचानक बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद झड़प हो गई।
इस दौरान लक्ष्मण नाथ नामक व्यक्ति के सिर में चोट लग गई, जिसके बाद उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया।
1978 में हुई थी मंदिर की स्थापना
सेक्टर-15ए स्थित इस मंदिर की स्थापना वर्ष 1978 में की गई थी। इसके बाद वर्ष 1979 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा मंदिर की जमीन कलिंगा संस्कृतिक परिषद के नाम आवंटित की गई थी।
मंदिर के सुव्यवस्थित संचालन के लिए वर्ष 1986 में श्री जगन्नाथ कल्चरल सेंटर का गठन किया गया था। इस संस्था के गठन से पहले मंदिर का संचालन कलिंगा संस्कृतिक परिषद द्वारा किया जा रहा था।
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे
श्री जगन्नाथ कल्चरल सेंटर के वर्तमान प्रधान नित्यानंद राउत का कहना है कि उनकी संस्था विधिवत पंजीकृत है और रजिस्ट्रार कार्यालय व न्यायालय से उन्हें मंदिर संचालन की अनुमति मिली हुई है। उनके अनुसार, मंदिर का भव्य निर्माण हजारों श्रद्धालुओं के सहयोग से हुआ है और इसे कुछ लोग अपने कब्जे में लेना चाहते हैं।
वहीं दूसरी ओर कलिंगा संस्कृतिक परिषद के प्रधान डॉ. पीकेएमके दास का कहना है कि मंदिर की जमीन परिषद के नाम पर है और हाल ही में बनाए गए ट्रस्ट को ही मंदिर संचालन का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती देंगे।
चुनाव के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2025 में श्री जगन्नाथ कल्चरल सेंटर की नई कार्यकारिणी का चुनाव हुआ था, जिसमें नित्यानंद राउत को प्रधान बनाया गया। इसके बाद तीन महीने पहले कलिंगा संस्कृतिक परिषद ने एक नया ट्रस्ट गठित कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
पुलिस तैनात, डीसीपी करेंगे सुनवाई
घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-15ए पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों पक्षों ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
पुलिस प्रशासन ने मंदिर परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है, ताकि पूजा-पाठ में कोई बाधा न आए। साथ ही दोनों पक्षों को सोमवार सुबह 10 बजे डीसीपी सेंट्रल कार्यालय में बुलाया गया है, जहां मामले की सुनवाई की जाएगी।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
प्रशासन का कहना है कि मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। जब तक विवाद का समाधान नहीं हो जाता, तब तक मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात रहेगा, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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